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    Home»ब्लॉग»Current Issues

    उपलब्धियां: उपचुनाव की उदासी से उबरी सरकार

    By March 19, 2018 Current Issues No Comments7 Mins Read
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    डॉ. दिलीप अग्निहोत्री
    उपचुनाव की उदासी से सरकार उबर चुकी है। एक वर्ष की उपलब्धियों के माध्यम से आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को जबाब दिया। इस अवधि में उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया। गोरखपुर और फूलपुर ने इस पर अपनी मोहर भले ही नहीं लगाई, यह उनकी मर्जी। प्रजातन्त्र में ऐसे निर्णय अस्वभाविक नही होते। ऐसा भी लोकसभा चुनाव का निर्धारण इन दो उपचुनावों से होगा।
    सरकार की ओर से लखनऊ के लोकभवन में एक वर्ष पूरा होने की अवधि में समारोह आयोजित किया गया। यह ईमानदारी से कर्तव्य निर्वाह का तकाजा है। सरकार का आत्मविश्वास बहाल हुआ है। वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात भी सकारात्मक रही।
    शाह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ बढ़िया कार्य कर रहे है। सपा बसपा गठजोड़ के मुकाबले के लिए अलग रणनीति बनाई जाएगी। इसी के साथ सभी अटकलें समाप्त हो गई। कुछ लोग मान रहे थे कि  इस बार एक वर्ष का समारोह फीका रहेगा। लेकिन उपलब्धियों ने सरकार का मनोबल बढाया। उसी के अनुरूप समारोह आयोजित किया गया। इसमें राज्यपाल राम नाईक, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा, बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
    सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उत्साह उजागर हुआ। बुन्देलखण्ड का भक्ति नृत्य, वृन्दावन की होली, मयूर नृत्य आदि ने वहां मौजूद लोगों का मन मोह लिया। इस आयोजन के माध्यम से सरकार ने यह सन्देश दिया कि वह फूलपुर और गोरखपुर की पराजय से आगे निकल चुकी है। अब उपलब्धियों के माध्यम से वह विपक्ष को जबाब देगी। योगी आदित्यनाथ ने समारोह में ही इसकी शुरुआत भी कर दी। उनके भाषण को तीन हिस्सों में बांटकर देखा जा सकता है। पहले हिस्से में उन्होंने  पिछली सरकार पर हमला बोला। आरोप लगाया कि वह विकास और गरीब विरोधी थी। दूसरा हिस्से में उन्होंने अपनी  सरकार की उपलब्धियां बयान की। यह दावा किया कि एक वर्ष में प्रदेश में अभूतपूर्व कार्य हुए है। इस क्रम में एन्टी करप्शन पोर्टल जारी किया। तीसरे हिस्से में उन्होंने भविष्य की योजनाओं का उल्लेख किया।
    योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकार पर जम कर हमला बोला। कहा कि उन्हें बदहाल प्रदेश विरासत में मिला। कर्मचारियों के वेतन देना भी मुश्किल था। फिजूल खर्ची चल रही थी। वित्तीय एजेंसी कर्ज देने को तैयार नहीं थी। फिर भी उनकी सरकार ने बिना किसी सहायता के किसानों की कर्ज माफी किया। गन्ना किसानों का भुगतान किया गया। देश का पहला राज्य है जिसने कुछ ही महीने में अस्सी हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे है। पिछली सरकार के समय जातिवाद और भर्ष्टाचार था। भर्तियों में जम कर जातिवाद चलता था। उनकी सरकार ने इसे रोका।
    एक वर्ष में ग्यारह लाख लोगों को आवास दिए गए। गरीब कन्याओं के विवाह हेतु पैतीस हजार रुपये देने की घोषणा की गई। शहरी क्षेत्र में चार लाख शौचालय बनाये गए। चार लाख किसानों की कर्ज माफी इतनी सफलता के साथ कहीं नहीं कि गई। इसके लिए जनता पर कोई भार भी नहीं डाला गया।
    नकल विहीन परीक्षा कराना सपना था, लेकिन उनकी सरकार ने इसे साकार किया।  बारह लाख छात्रों ने बोर्ड परीक्षा छोड़ी। जांच से पता चला कि इनमे पचहत्तर प्रतिशत छात्र उत्तर प्रदेश के बाहर के थे। ये मुन्ना भाई थे। प्रायमरी स्कूल के बच्चों को स्वेटर, ड्रेस, जुता मोजा दिया गया। तीस लाख  फर्जी राशन कार्ड पकड़े। इससे अधिक ऐसे लोगों को राशन कार्ड दिए गए, जिनके पास कार्ड नहीं था। पैतीस हजार करोड़ रुपये का घोटाला केवल पारदर्शी वितरण से रोका गया। इकहत्तर जिले बिजली वितरण में भेदभाव झेलते थे। इसे समाप्त किया गया। समान और न्यायपूर्ण वितरण के आदेश दिए गए। राज्यपाल की प्रेरणा से चौबीस जनवरी को उत्तर प्रदेश मनाया गया।
    यूपी इन्वेस्टर्स समिट को अनुमान से अधिक सफलता मिली। इसके माध्यम से निवेश का आंकड़ा पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने जा रहा है। इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि योगी आदित्यनाथ ने इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी स्वयं संभाली है। इसके लिए अनुकूल माहौल बनाया गया है। प्रस्तावों पर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निर्णय लिया जाएगा। उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के तहत सिंगल विंडो क्लियरेंस विभाग की स्थापना कर दी गई है। मेक इन इंडिया की सफलता का लाभ  मेक इन उत्तर प्रदेश विभाग की स्थापना की गई। औद्योगिक पार्कों, क्लस्टर, एग्रो पार्क की स्थापना की जा रही है।
    ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान लागू किया गया। निवेश मित्र सिंगल विंडो बेव पोर्टल का लोकार्पण हो चुका है। इससे सभी विभागों का ऑनलाइन इंटीग्रेशन होगा। मेसर्स सैमसंग की लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की गई। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा। यह देश की सबसे बड़ी एक्सप्रेस वे होगी।
    बुन्देलखण्ड क्षेत्र को औद्योगिक एवं आर्थिक विकास से जोड़ने के लिए बुन्देलखण्ड लिंक एक्सप्रेस लिंक वे बनाई जाएगी। दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और अमृतसर दिल्ली कोलकत्ता इंडस्ट्रियल परियोजना के उत्तर प्रदेश के हिस्से में तेजी से कार्य होगा।
    प्रधानमंत्री आवास योजना,दीनदयाल उपाध्याय शहरी आजीविका मिशन, स्मार्ट सिटी, आदि का कार्य भी प्रगति पर है। इसमें स्वच्छता अभियान,एलईडी लाइट, नमामि गंगे, सुनियोजित विकास, सबको विकास, सुगम यातायात, कनेक्टिविटी, को बढ़ावा दिया गया।
    गांवों को भी विकास से जोड़ा गया। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना,  ग्रामीण पेयजल योजना, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और दिव्यांग सशक्तिकरण के कई कार्यक्रम शुरू किए गए। बत्तीस लाख परिवारों को बिजली के कनेक्शन दिए गए।
    इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग कल्याण के अनेक कार्यकम तेजी से लागू किये गए। सबका साथ सबका विकास के अनुरूप अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाएं लागू की गई।
    डेढ़ गुना अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई। बच्चो का पोषण, प्रतिभा के सम्मान की ओर ध्यान दिया गया। कर प्रक्रिया को सरल बनाया गया। इससे राजस्व में वृद्धि हुई है। ऋणमोचन को नया आयाम दिया गया। पारदर्शिता से भूतत्व एवं खनिकर्म की आमदनी बढ़ी है। एन्टी भूमाफिया अभियान चलाकर पीड़ितों को न्याय दिलाया जा रहा है।
    पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व कार्य एक वर्ष में किये गए। अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में होली को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की योगी आदित्यनाथ ने स्वयं पहल की।
    पारदर्शिता के प्रतिमान, संस्कृति के प्रतिमान, कारीगरी ग्रामोद्योग, स्वावलंबन को बल, आईटी से रोजगार को प्रोत्साहन दिया गय राज्यपाल राम नाईक अपना कार्यवृत्त जारी करने के लिए प्रसिद्ध है।   योगी सरकार ने एक साल नई मिसाल नाम से अपनी सरकार का कार्यवृत्त जारी किया।
    राम नाईक ने इसकी प्रशंसा की।

    सड़क निर्माण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। एक लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़के गढ्ढा मुक्त की गई। एक हजार किलोमीटर की एक सौ दस सड़क परियोजना का निर्माण किया गया।  छियासी दीर्घ सेतु का निर्माण प्रगति पर है। इसके लिए नवीनतम तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। पुरातन चिकित्सा पद्धति की पुनर्स्थापना की गई।
     सतत विकास के लिए सौर ऊर्जा की दिशा में बड़े कदम उठाए गए। फ्रांस के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विंध्याचल के पास बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया था।
    जाहिर है कि उत्तर प्रदेश सरकार अपनी उपलब्धियों से उत्साहित है ।उसे लगता है कि इसके बल पर वह विपक्ष को न केवल जबाब देगी, बल्कि उनके जातिवादी मंसूबों को भी विफल करेगी। कुछ दिनों के बाद ही राज्य की जनता इस फर्क का अनुभव करेगी। योगी सरकार गरीबों, दलितों, वंचितों , पिछड़ों सहित सभी जरूरतमंद लोगों के लिए समर्पित है। जातिवाद और परिवारवाद की समर्थक पार्टियों के गठजोड़ की असलियत जल्दी सामने आ जायेगी।

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