योगी सरकार ने गो-हत्या पर लगाई ब्रेक, गायें हो गयी सस्ती व बढ़ गया दुग्ध उत्पादन

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विश्व पशु कल्याण दिवस 04 अक्टूबर पर विशेष:

लखनऊ, 03 अक्टूबर 2019: हमारे वेदों में पशु रक्षा से संबंधित कई मंत्र पड़े हैं। यजुर्वेद के 40/7 मन्त्र में कहा गया है कि जो व्यक्ति सम्पूर्ण प्राणियों को स्वयं जैसी आत्माओं के रूप में ही देखता है (स्त्री, पुरुष, बच्चे, गौ, हरिण, मोर, चीते तथा सांप आदि के रूप में नहीं) उसे उनको देखने पर मोह अथवा शोक (ग्लानि वा घृणा) नहीं होता, क्योंकि उन सब प्राणियों के साथ वह एकत्व (समानता तथा साम्यता) का अनुभव करता है। इस मन्त्र में यह सन्देश दिया गया है शोक व मोह से बचने के लिए मनुष्य को सभी प्राणियों को अपनी आत्मा के समान ही देखना चाहिये। यूपी में प्रतिबंध के बावजूद गोमांस का अवैध व्यापार चलता रहा है। सरकारें इसके प्रति हमेशा ही उदासीन रही हैं। पहली बार योगी सरकार ने इस पर कड़ाई से पालन करने के लिए सख्ती दिखाई। यही कारण है कि योगी सरकार बनने के बाद गायों की कीमत में तीस प्रतिशत तक कमी आई है, वहीं दुग्ध उत्पादन में भी काफी बढ़ोत्तरी हुई है।

भारत भूमि की अपनी सभ्यता और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने वन पर भी विशेष ध्यान दिया, जिससे वन्य जीवों की सुरक्षा हो सके। इस वर्ष रिकार्ड 22 करोड़ पौध रोपण से भी वन्य जीवों की सुरक्षा और खाद्य उपलब्ध कराने में सुविधा मिलेगी। वन्य अभारंय पर भी विशेष बल दिया जा रहा है।


यूपी में पहले थी 12 संरक्षित गोशालाएं, अब बन रहा 430:

गौशालाओं के संबंध में तो यूपी सरकार ऐतिहासिक कार्य कर रही है। 19 अगस्त 2017 को यूपी में भाजपा की सरकार बनी थी। इससे पूर्व पूरे यूपी में मात्र 12 संरक्षित गोशालाएं थीं। यूपी में भाजपा की सरकार बनते ही योगी सरकार ने अवैध गौमांस की तस्करी पर कड़ाई के साथ रोक लगाया तो छुट्टा पशुओं की संख्या बढ़ गयी। इससे निपटने के लिए सिर्फ बुंदेलखंड में 36 वृहद गो संरक्षण केंद्र खुल रहे हैं। पूरे यूपी में 430 से गो आश्रय केंद्र 2020 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इसमें इनमें दो लाख 97 हजार गोवंश को आश्रय मिल सकेगा।

राज्यमंत्री ने कहा:

इस संबंध में पशुधन राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद ने बताया कि सरकार के गौ संरक्षण पर अच्छी नीयति से काम करने का नतीजा है कि आज दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश पूरे भारत में नम्बर एक पर आ गया है। हम ऐसे वीर्य हर जिले में भेज रहे हैं, जिससे 90 प्रतिशत सिर्फ बछिया ही पैदा होंगी। बंध्याकरण का भी प्रबंध किया जा रहा है।

बढ़ गया दूग्ध् उत्पादन:

यह बता दें कि यूपी में इस पिछले वर्ष 304.94 लाख मिट्रिक टन दुग्ध का उत्पादन हुआ था, जबकि इस वर्ष 108 मीट्रिक टन दुग्ध के उत्पादन में वृद्धि हुई। इस संबंध में समाज सेवी और भाजपा के पदाधिकारी चंद्र भूषण पांडेय ने बताया कि गौ-हत्या बंद होने से गाय की कीमत में कमी आयी जिससे आज गरीब भी आसानी से गाय खरीद सकता है। दूसरी तरफ दुग्ध उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी हुई है।

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