‘डिटेक्टिव मीटर डाउन’ को सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार
लखनऊ, 30 जुलाई: जर्मनी के प्रतिष्ठित ‘इंडिशेस फिल्मफेस्टिवल स्टटगार्ट’ में लघु फिल्म ‘डिटेक्टिव मीटर डाउन’ को सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला है। देवांश अग्रवाल द्वारा निर्देशित यह 30 मिनट की फिल्म मुंबई के प्रवासी जीवन की हास्य और हृदयस्पर्शी कहानी पर आधारित है।
ऑटो ड्राइवर का जासूस बनने का सपना
फिल्म बिहार से मुंबई आए ऑटो रिक्शा चालक राजेश यादव की कहानी है, जो जासूस बनने का सपना देखता है। फिल्म मुंबई जैसे महानगर में बसने वाले प्रवासियों की विडंबनाओं, रोजमर्रा की छोटी-छोटी घटनाओं और उनकी आकांक्षाओं को हल्के-फुल्के हास्य के साथ पेश करती है।
लेखिका गजल जावेद ने बताया कि मंगलवार को यह सम्मान मिला। गजल ने कहा, “मुंबई में ऑटोरिक्शा चलाने वाले ज्यादातर लोग दूसरे राज्यों से आते हैं। हर प्रवासी के पास अपनी कहानी होती है। हमने राजेश के किरदार के जरिए उन सभी की भावनाओं और सपनों को सामने लाने की कोशिश की है।”
हाशिये के व्यक्ति को बनाया नायक
लखनऊ की रहने वाली गजल जावेद अपनी पहली फिल्म के साथ ही इस मुकाम तक पहुंच गई हैं। वे पूर्व विधायक और स्वतंत्रता सेनानी एम. शकील की नातिन हैं। गजल ने अपनी मंशा जताते हुए कहा कि आम फिल्मों में हाशिये के लोगों को सिर्फ बेबस दिखाया जाता है, जबकि वह उन्हें नायक बनाकर पेश करना चाहती थीं।फिल्म का मुख्य संदेश है – हर व्यक्ति की अपनी अहमियत और मायने हैं।
क्या है महोत्सव
इंडिशेस फिल्म फेस्टिवल स्टटगार्ट’ यूरोप के प्रमुख भारतीय फिल्म समारोहों में शामिल है। वर्ष 2004 से स्टटगार्ट में आयोजित यह महोत्सव बॉलीवुड, क्षेत्रीय सिनेमा, वृत्तचित्र और लघु फिल्मों को मंच प्रदान करता है। यह पुरस्कार न सिर्फ फिल्म की टीम के लिए बल्कि प्रवासी कहानियों को मुख्यधारा में लाने वाले नए सिनेमा के लिए भी बड़ी उपलब्धि है।







