जापान के 60 फीसदी युवा शादी से दूर भाग रहे हैं
नई दिल्ली, 06 दिसम्बर। जापान जैसे विकसित राष्ट्र में भी युवाओं के लिए जीवन जीना आसान नहीं है जापान में युवक-युवतियों में कार्यस्थल पर बढ़ते काम के दबाव के कारण जहां लड़कियों को प्यार करने के लिए समय नहीं है वहीं लड़कों को कम वेतन के कारण लड़कियों को आकर्षित कर पाना और नाज-नखरे उठा पाना उनके लिए संभव नहीं है। परिणामस्वरुप 60 फ़ीसदी युवा -युवती शादी करने की झंझट से अपने आप को दूर रख रहे हैं जो जापान की एक बहुत बड़ी सामाजिक समस्या बन गई है।
सर्वे में जापान की 60 फ़ीसदी लड़कियों ने स्वीकार किया है कि वह काम के बोझ से इतना थक जाती हैं कि उन्हें डेटिंग और प्यार के लिए वक्त ही नहीं मिलता। ना ही उसके लिए मूड बनता है। 25 फ़ीसदी लड़कियों ने यह भी कहा कि थकान के कारण वह सोती रह जाती हैं। उनकी डेटिंग मिस हो जाती है। लड़कियों ने कहा कि वह डेटिंग पर जाने के स्थान पर घर पर सोना और टीवी सीरियल देखना उन्हें ज्यादा अच्छा लगता है।
कुछ इसी तरह की स्थिति लड़कों के बीच में भी देखने को मिली है जापान के 60 फ़ीसदी युवाओं ने सर्वे में स्वीकार किया है कि वह शादी करना नहीं चाहते उन्होंने कहा काम का बोझ बहुत ज्यादा है। उनका वेतन कम है, ऐसी स्थिति में वह अपनी गर्लफ्रेंड तथा पत्नी का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है। इससे बचने के लिए वह शादी ही नहीं करना चाहते हैं। जापान के समाजशास्त्रियों का कहना है कि, काम के बोझ से यहां के युवाओं को मशीन की तरह काम करना पड़ रहा है। भावनाओं को समझने वाले साथी अब नहीं मिल रहे हैं।
जिस तरह की परिस्थितियों का सामना जापान में युवाओं को करना पड़ रहा है। उससे जापान की सामाजिक व्यवस्था बड़ी तेजी के साथ गड़बड़ा रही हैं। इस स्थिति को लेकर समाज विज्ञानी काफी चिंतित हैं। विकास के परिणाम ऐसे होंगे, कि मनुष्य जीवन ही खतरे में पड़ जाए। यह अब जापान के लोगों को सोचना पड़ रहा है। रोबोट और ऐप के माध्यम से क्या मानव जीवन और सामाजिक जीवन बेहतर बनाया जा सकता है। इसको लेकर अब चर्चाएं होने लगी हैं।
जापान में बुजुर्गो की संख्या बढ़ रही है। वहीं छोटे बच्चों की संख्या तेजी से घट रही है। युवा सेक्स और परिवार बनाने को लेकर उदासीन हैं। जिस तरह के रोबोट हाल ही में तैयार किये गये हैं। इससे अब स्त्री पुरुष का काम रोबोट से पूर्ण होगा। ऐसी स्थिति में जापान का मानव जीवन ही खतरे में पड़ जायेगा।







