नई दिल्ली 24 दिसम्बर। वरिष्ठ पत्रकार शशांक शेखर त्रिपाठी का अब नहीं रहे, वे गुरुवार को अपने घर के बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे। अस्पताल में तीन दिनों तक मौत से जंग लड़ने के बाद आखिरकार वे उस सफर पर चल पड़े, जहाँ से कोई वापस नहीं आता।
वरिष्ठ पत्रकार कमलेश त्रिपाठी जी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अपने फेसबुक पेज पर लिखा है –
“वरिष्ठ पत्रकार शेखर त्रिपाठी का रविवार को दुखद निधन हो गया। श्री त्रिपाठी 56 वर्ष के थे और उनका विगत कुछ दिनों से स्थानीय यशोदा अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनका अंतिम संस्कार सोमवार, 25 दिसंबर को दिल्ली में यमुना तट स्थित निगम बोध घाट पर मध्याह्न 12 बजे होगा।
मूल रूप से कानपुर के निवासी शशांक शेखर त्रिपाठी लगभग तीन दशक तक हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय रहे और सदैव तथ्य व सत्य के अन्वेषी रहे। उन्होंने कानपुर, लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली में दैनिक जागरण सहित कई पत्रकारीय प्रतिष्ठानों में योगदान किया। उनका प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया आदि समस्त पत्रकारीय विधाओं में समान अधिकार था। उनके शोकाकुल परिवार में माँ, पत्नी और दो पुत्र हैं। शेखर जी के निधन से समस्त पत्रकारिता जगत शोकाकुल है। अनुज शेखर को हार्दिक श्रद्धांजलि।”
हिंदी पट्टी के प्रखर पत्रकार शेखर त्रिपाठी दैनिक जागरण के संपादक थे। वे राष्ट्रीय सहारा दिल्ली और अन्य कई अखबारों में भी रहे। मेरे अच्छे मित्र थे। बेहतरीन इंसान। मुश्किलों में दोस्तों की आगे बढ़ कर मदद करने वाले । ईश्वर उनकी आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें और उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति।






