विधानसभा अध्यक्ष ने कहा ‘विरासत बचाओ, जनसेवा करो’, नोट्स लेकर सुनी हर बात, मीडिया सेंटर की तारीफ, दूरदर्शिता का कमाल!
लखनऊ में हाल ही में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सम्मानित संपादकों और पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत की। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष और सदस्य भी मौजूद थे। महाना जी ने धैर्य से सबकी बात सुनी, खुद नोट्स लिए – यही वजह है कि सम्प्रदायवाद के दौर में भी वे लगातार “विजयश्री” हासिल कर रहे हैं। दूरदर्शिता और रचनात्मकता साफ झलक रही थी!

खास हाइलाइट्स क्या थे?
- महाना जी ने गैलरी में लगाई गई वो ग्रुप फोटो दिखाई, जिसमें किसी भी दल के विधायक अगर किसी विषय के विशेषज्ञ हैं, तो सब साथ में – ताकि सभी विधायकों का हौसला बढ़े और जनसेवा में जुटें।
- सदन में पीठ (अध्यक्ष की कुर्सी) दिखाई और बताया कि ये नई कुर्सी कर्नाटक से डिजाइन कराई गई है – बड़ी, भव्य और पारंपरिक। अन्य पुरानी विधानसभाओं में अभी साधारण कुर्सी है, इसलिए UP में इसे अपग्रेड किया। उन्होंने Indian Express की स्टोरी और अन्य विधानसभाओं की कुर्सियों की फोटो भी दिखाकर मज़ाकिया अंदाज में कहा – “कोई आरोप न लगाए कि मैंने अपनी कुर्सी बड़ी कर ली!”
- प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे जी भी चुपचाप सुनते और नोट्स लेते रहे – यही फोकस उन्हें कामयाब बनाता है।
संवाददाता समिति के सचिव के तौर पर आभार जताया गया कि UP विधानसभा ने देश का सबसे सुंदर मीडिया सेंटर बनाया – पोडियम, प्रेस गैलरी पास, बाइट के लिए आसान व्यवस्था। कुछ अनुरोध भी रखे गए जैसे प्रश्नोत्तर की हार्ड कॉपी, पुराने पास पर दबाव न डालना आदि।
बता दें कि महाना जी की ये मुलाकात दिखाती है कि राजनीति में भी सम्मान, सुनना और सुधार की भावना बनी रहे तो कामयाबी मिलती है! ज्ञात हो कि जयवीर सिंह की तरह महाना जी भी युवा-मीडिया को जोड़ने में आगे हैं।







