ऊर्जा मंत्री ने कहा: गलत फैसला लागू कराने वाले अधिकारी भी होंगे दण्डित
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा व उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के बीच दो पक्षीय बैठक में प्रदेश के 50 लाख ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं के पक्ष में आया बड़ा फैसला
लखनऊ,08 जनवरी। प्रदेश की बिजली कम्पनियों द्वारा सपा सरकार के पिछले 5 वर्षों से लेकर वर्तमान तक लगभग 50 लाख अनमीटर्ड ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं से 5 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत वसूली गयी अधिक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी लगभग रू0 955 करोड़ की अब वापसी का रास्ता साफ हो गया है। लम्बे समय से चल रहा हाई प्रोफाइल विवाद अब समाप्त होने की दिशा में है। आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा व उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के बीच दो पक्षीय बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि सपा सरकार में लगभग 50 लाख ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं से वसूल की गयी अधिक इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की पूरी वापसी सरकार विद्युत उपभोक्ताओं के आगे के बिलों में अविलम्ब समायोजित करायेगी और अधिसूचना का अर्थ का अनर्थ लगाकर जिन भी उच्चाधिकारियों द्वारा यह असंवैधानिक कृत्य किया गया है, उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही होगी। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह भी आश्वासन दिया कि पिछली सरकारों में किसी भी मद में यदि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के साथ कोई अधिक वसूली की गयी है तो सरकार ऐसे सभी मामलों की पूरी छानबीन करायेगी।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आज प्रदेश के ऊर्जा मंत्री के साथ उपभोक्ता परिषद की दो पक्षीय वार्ता काफी सकारात्मक रही। प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओ की अनेकों समस्याओं पर भी विस्तार से बात हुई। जब उपभोक्ता परिषद द्वारा मा0 मंत्री जी के सामने यह तथ्य रखा गया कि पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन द्वारा वर्ष 2012 से विधान सभा व कैबिनेट द्वारा पारित अधिसूचना का गलत अर्थ लगाकर लाखों ग्रामीण अनमीटर्ड विद्युत उपभोक्ताओं के साथ बड़ा अन्याय किया गया और सबसे बड़ी चिन्ता का विषय यह है कि पावर कार्पोरेशन द्वारा अपनी गलती मानने के बाद भी अधिक वसूल की गयी धनराशि को वापस करने में अड़ंगा डाला जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिजली कम्पनियों के सभी उच्चाधिकारियों का यह नैतिक दायित्व है कि वह प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के साथ हर स्तर पर न्याय करें, यह आश्चर्य की बात है कि पिछली सपा सरकार के पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में 5 प्रतिशत की जगह 20 की अधिक वसूली ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं से की गयी। यह अपने आप में गम्भीर मामला है। किस स्तर पर किन उच्चाधिकारियों द्वारा इस प्रकार की गलत कार्यवाही को बढ़ाया गया, उनके खिलाफ भी सरकार सख्त कदम उठायेगी। उपभोक्ता परिषद के संज्ञान में इस प्रकार के जो अन्य मामले भी हों, वह मेरे समक्ष रखे जायें हर हाल में उपभोक्ताओं के साथ न्याय होगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने प्रदेश में मनमाने तरीके से खरीदे जा रहे प्रीपेड मीटर, इलेक्ट्रानिक मीटर, स्मार्ट मीटर के बारे में भी चर्चा की है, जल्द ही एक प्रस्ताव मा. ऊर्जा मंत्री के सामने उपभोक्ता परिषद द्वारा पेश किया जायेगा।






