लोकतंत्र सेनानीयों ने किया मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के लिए सीट छोड़ने वाले पूर्व मंत्री यशवंत सिंह का अभिनन्दन
लखनऊ, 12 फरवरी। पूर्व मंत्री व लोकतंत्र सेनानी यशवंत सिंह ने सरकार से मांग की हैं कि वह पाकिस्तान जिंदाबाद बोलने वालों की नागरिकता समाप्त करे। देश की एकता और अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए यह निर्णय जरुरी हैं।
श्री सिंह ने कहा की विधानसभा के भीतर पाकिस्तान जिंदाबाद बोलना एक गंभीर अपराध हैं। इसके खिलाफ कड़ी करवाई नहीं की गयी तो सम्पूर्ण देश में इसका गलत सन्देश जायेगा। इस सन्देश से वह आत्मायें दुखी होगी जो आजादी और इस देश की सीमाओं की रक्षा के अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं। इससे वह लोग भी दुखी होंगे, निराश होंगे जो देश की आजादी, लोकतंत्र और सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों का भी बलिदान करने के लिए हर क्षण तत्पर रहते हैं। इसलिए लोकतंत्र सेनानियों को चाहिए कि वह लोग आज इस मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद बोलने वालों की नागरिकता समाप्त करने की मांग मजबूती से उठायें।
अपने अभिनन्दन के प्रति आभार प्रकट करते हुए श्री सिंह ने कहा कि आज आप लोगों से मिले स्नेह की वजह से मुझे यह बोध हो रहा हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए सीट छोड़ने का फैसला एक सही फैसला था। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश ने बेईमानी के खिलाफ आन्दोलन शुरू किया था। उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बेईमानी और जनता का धन लूटने वालों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। हम सभी लोगों को इस लड़ाई में मख्यमन्त्री योगी आदित्य नाथ का साथ देना चाहिए।
श्री सिंह के इस प्रस्ताव का लोकतंत्र सेनानियों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया और सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि सरकार पाकिस्तान जिंदाबाद बोलने वालों की नागरिकता तो समाप्त करे।
इसके पूर्व लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति ने यशवंत सिंह को अंगवस्त्रम प्रदान कर अभिनन्दन किया और कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के लिए विधान परिषद की सदस्यता छोड़कर श्री यशवंत सिंह ने हम सभी सेनानियों का सम्मान बढ़ाया है। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष ने की। सम्मेलन को लोकतंत्र सेनानी सर्वश्री धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव, अतर सिंह वर्मा, यमुना प्रसाद अवस्थी , परमानंद जायसवाल , मुस्तफा हुसैन ,अलोक श्रीवास्तव ,उमाशंकर वर्मा, शिवनाथ राय शास्त्री , रामगुलाम दिवेदी, नरेश कुमार शर्मा , कमला प्रसाद त्रिपाठी ,बृजेंद्र मयंक और सत्यप्रकाश आर्य ने भी संबोधित किया।





