द्वाराहाट बाजार से करीब 14 किमी दूर मंगलीखान बस स्टेशन से करीब 500 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचते हैं दूनागिरि माता के भव्य मंदिर में। यह मंदिर बांझ, देवदार, अकेसिया और सुरई समेत विभिन्न प्रजाति के पेड़ों के झुरमुटों के मध्य स्थित है, जिससे यहां आकर मन को काफी शांति मिलती है। यहाँ माँ दूनागिरी वैष्णवी रूप में पूजी जाती है। इस धाम में वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। मंदिर में अखंड ज्योति का जलते रहना इसकी एक विशेषता है।
माता का वैष्णवी रूप होने से यहां किसी प्रकार की बलि नहीं चढ़ाई जाती मंदिर में अर्पित किया गया नारियल भीपरिसर में नहीं फोड़ा जाता है। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर में सोने और चांदी के छत्र, घंटियां, शंख चढ़ाते हैं।







