लखनऊ, 23 मार्च। राम नवमी महापर्व के लिए खासतौर से इस बार मध्य प्रदेश से पंच धातु की राम, लक्ष्ण और सीता की प्रतिमाएं आयी हैं। कहा जाता है कि सोना, चांदी, पीतल, तांबा और कांसे से तैयार वस्तु के पूजन और इस्तेमाल से नकारात्मक ऊर्जा का समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा से व्यक्ति और स्थान सराबोर हो जाता है। ग्वालियर से आए पुरस्कृत और पुश्तैनी कार्य में लगे मूर्तिकार रामबाबू ने मध्य प्रदेश की पंच धातु हस्त कला के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पहले मिट्टी अब मोम के बनते हैं सांचे:
मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम की ओर से 28 मार्च तक चल रहे इस जनजागृति कार्यक्रम में न केवल मध्यम प्रदेश की पारंपरिक कलाओं की प्रदर्शनी लगायी गई है बल्कि उन हस्तशिल्पियों से भी लोगों को रूबरू करवाया जा रहा है कि वक्त के साथ पांररिक कलाओं ने अपने को आधुनिक कला के अनुरूप ढाला है। अलीगंज ललित कला अलीगंज में आयोजित इस कड़ी के पहले व्याख्यान में मूर्तिकला की परंपरा की जानकारी दी गई। बीतें चालीस साल से इस कार्य में तल्लीन रामबाबू ने बताया कि पंच धातु की प्रतिमाओं का सांचा पहले मिट्टी में तैयार किया जाता था अब तो मोम में नकल तैयार कर प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। यह देखने में अधिक आकर्षक लगती हैं। उन्होंने बताया कि रामायण महाकाव्य तक में पंच धातु के पात्रों का उल्लेख मिलता है। उन्होंने काजल के लिए चम्मच नुमा कजरौटा और आरती दानी भी दिखायी। इसका मूल्य 5 से 8 सौं रुपए हैं।

दो लाख के डेढ़ टन के बुद्धा:
राम बाबू ने बताया कि प्रदर्शनी में पंचधातु से तैयार डेढ़ टन की विशाल बौद्ध प्रतिमा आकर्षण का विषय बनी हुई है। छूट के बाद इसका मूल्य 1 लाख 85 हजार है। प्रदर्शनी में नौ दुर्गा की पूजा के लिए खासतौर से नवग्रह घंटा भी मिल रहा है। उस घंटे पर रंगीत पत्थरों की सुंदर सजावट की गई है। पंच धातु के शंख पर देव कथा सुंदर अलंकरण के साथ दर्शायी गई है। आराम कुर्सी पर बैठे गणपति और स्टोन से अलंकर वादकों दल खासा पसंद किया जा रहा है।
इनकी कीमत 45 सौ रुपए तक में हैं। हैंगिंग दियों की लट दो हजार रुपए जोड़ा है। अर्जुन का रथ चलाते कृष्ण का द़श्य गीता के महा प्रसंग की याद ताजा करा देता है। अर्जुन रथ की कीमत 5500 और पंच मुखी हनुमान प्रतिमा 7500 की है। राधा किशन की प्रतिमा के अलावा राम सीता लक्ष्मण की प्रतिमा महज 5400 रूपये की है। प्रदर्शनी में लेडीज और जेंटस के लिए ट्रेडिशनल और मार्डन वेशभूषाएं हैं। आभूषण और बच्चों के खिलौने भी प्रदर्शनी का अहम अंग हैं।







