पूछा, कभी राम को बंदूक के साथ देखा है क्या?
कोलकाता, 28 मार्च। पश्चिम बंगाल में रविवार को रामनवमी के अवसर पर बजरंग दल द्वारा एक रैली में हथियार लहराए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। इस घटना की निंदा करते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी-आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हथियारों पर बैन लगाए जाने के बावजूद इन्हें रैली में लाया गया। उन्होंने यह सवाल भी पूछा कि क्या कभी राम को बंदूक लिए किसी ने देखा है?
रविवार सुबह पुरुलिया इलाके में बजरंग दल के सदस्यों ने तलवार लहराते हुए रैली निकाली थी। रैली में बजरंग दल के सदस्य हाथ में तलवार लेकर जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे। प्रशासन की तरफ से रैली की अनुमति नहीं दी गई थी। उधर सिलीगुड़ी में भी राम मंदिर महोत्सव समिति ने तलवारों के साथ रैली निकाली। इससे पहले शनिवार रात बर्धमान जिले में बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए रामनवमी के पंडाल में कुछ बदमाशों ने हमला कर दिया था। इसमें चार लोग घायल हो गए थे और घायलों में से एक की मौत हो गई थी। इस वारदात के पीछे बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का हाथ बताया था।
बता दें कि दो दिन पहले ही बीजेपी के प्रदेश प्रभारी दिलीप घोष ने कहा था कि रैलियों में पारंपरिक हिंदू हथियार भी होंगे। अगर प्रशासन जबरन रैलियों को रोकने का प्रयास करेगा तो झड़प होने के आसार हैं। वहीं राज्य सरकार और खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि रैलियों में किसी तरह का हथियार नहीं लाया जाएगा। साथ ही रैलियों को चार बजे के बाद अनुमति दी गई थी। इससे पहले पिछले साल भी पुरुलिया और बर्धमान जिलों में हुए विवाद के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ किया था कि राम नवमी के नाम पर किसी भी तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







