बेंगलुरु, 18 अप्रैल। कर्नाटक विधानसभा के लिए मई में होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। उसने एक साथ 219 उम्मीदवारों का एलान किया है। इसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को चामुंडेश्वरी, तो उनके बेटे यतींद्र को वरुणा विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है।
पांच सीटों को लेकर कांग्रेस ने फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है। इस लिस्ट पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का दबदबा साफ-साफ दिख रहा है। उनके सभी समर्थकों के नाम इसमें शामिल हैं। वह एक सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि सिद्धारमैया दो सीटों पर खड़े होंगे। उन्हें कुछ लोगों ने आगाह किया था कि बीजेपी और जेडीएस के बीच डील के चलते चामुंडेश्वरी में उनकी हार का खतरा है। लेकिन राहुल गांधी ने सिद्धारमैया को नेगेटिव पब्लिसिटी से बचने के लिए सिर्फ एक सीट से चुनाव लड़ने को कहा। उधर, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख परमेश्वरा भी एक सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस ने एक परिवार, एक टिकट के फॉर्मूले को भी नहीं अपनाया है।
पार्टी ने मुख्यमंत्री और उनके बेटे, गृह मंत्री और उनकी बेटी और कानून मंत्री और उनके बेटे को टिकट दिए हैं। पांच क्षेत्रों में, जहां कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है, उसमें शांथिनगर भी शामिल है। यह एनए हरिस की सीट है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस को यहां जीत का पूरा भरोसा है, क्योंकि यहां भारी संख्या में अल्पसंख्यक रहते हैं। विवादित कारोबारी अशोक खेनी को भी टिकट दे दिया गया है।
वह नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज (एनआईसीई) के मालिक हैं, जिसने बेंगलुरु के चारों ओर एक रिंग रोड बनाई है। पिछले साल खुद सिद्धारमैया ने खेनी की कंपनी के खिलाफ जांच के लिए संयुक्त विधायक दल की कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने खेनी के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की सिफारिश की थी। उस वक्त कांग्रेस के कुछ नेताओं ने खेनी को जेल भेजने की मांग की थी। कांग्रेस ने लिगांयत समुदाय के 40 लोगों को टिकट दिया है। उसने 15 महिलाओं को भी टिकट दिया है।








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