नोटों का गायब होना अन्तर्राष्ट्रीय षडयंत्र हो सकता है: अखिलेश यादव
लखनऊ, 18 अप्रैल। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव एक ने प्रेससवार्ता में कहा कि एटीएम में नोट न होना किसी बड़ी साजिश का संकेत है। उन्होंने कहा कि केन्द्र के इशारे पर कहीं नोटों की जमाखोरी तो नहीं हो रही है? यदि कैश नहीं होगा तो व्यापार ठप्प हो जायेगा। अगर नोटों की जमाखोरी हो रही है तो सरकार क्या कर रही है?
सुलगते सवाल: नोट गायब कहां हो गये ?
उन्होंने कहा कि कैशलेश अर्थव्यवस्था की वकालत करने वाली केन्द्र सरकार को यह बताना चाहिए कि नोट छपवाने का कागज विदेश से मंगाया जाता है और पर्याप्त संख्या में नोट भी छपवाया गया ऐसे में सवाल यह उठता है कि नोट गायब कहां हो गया? यह एक अन्तर्राष्ट्रीय षडयंत्र हो सकता है। पिछले साल हुए नोटबंदी से किसानों और गरीबों का बहुत नुकसान हुआ। समाज का हर वर्ग इस फैसले से परेशान है। इसके बाद भी भाजपा इसे अपनी उपलब्धि बताती है। भाजपा के शासन काल की जनविरोधी नीतियों से जनता में भारी आक्रोश एवं असंतोष है।
सुलगते सवाल: बलात्कार की घटनाओं से जनता डरी हुई है, क्यों ?
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। लूट-हत्या-बलात्कार की घटनाओं से जनता बुरी तरह डरी हुई है। छोटी-छोटी बच्चियों से बलात्कार थम नहीं रहे हैं। सत्तारूढ़ दल के नेता और विधायकों को कानून की परवाह नहीं है। भाजपा के नेताओं की अपराधों में संलिप्तता से अराजकता व्याप्त हो गयी है।
सुलगते सवाल: नौजवानों में बेरोजगारी की समस्या क्यों ?
कानून का राज अगर नहीं है तो राज्य सरकार इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उत्तर प्रदेश की सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। नौजवानों की बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने की दिशा में केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकार का रवैया उदासीन है। किसान और बेरोजगार नौजवान आत्महत्या करने को मजबूर है। शिक्षामित्रों द्वारा आत्महत्या की संख्या पांच सौ से ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि महामहिम राज्यपाल जी को देखना चाहिए कि राज्य सरकार संविधान के अनुसार चल भी रही है अथवा नहीं?







