गाय की हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, बैल मांस निर्यात को बढ़ावा
जौनपुर। भारत किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर पशुधन नीति में बड़े बदलाव की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए और पूरे देश में गाय काटने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाए। अरशद खान ने कहा कि तत्कालीन बादशाह हुमायूं के नक्शे-कदम पर चलते हुए गाय की धार्मिक और भावनात्मक गरिमा को संरक्षण दिया जाए।
दूसरी तरफ बैल को उद्योग का दर्जा : पत्र में अरशद खान ने व्यावहारिक और आर्थिक दृष्टिकोण अपनाते हुए बैल काटने पर लगी सभी पाबंदियां हटाने और बैल आधारित उद्योग को वैधानिक एवं आर्थिक संरक्षण देने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि कृषि कार्य से बाहर हो चुके लाखों बैलों का पालन-पोषण गरीब किसानों के लिए बोझ बन गया है। यदि बैल मांस निर्यात को औद्योगिक दर्जा दिया जाए तो देश का विदेशी मुद्रा भंडार अभूतपूर्व रूप से बढ़ सकता है, करोड़ों रोजगार सृजित होंगे और पशुपालकों-किसानों की आय में भारी इजाफा होगा।
व्यंग्य के साथ गंभीर चेतावनी : अरशद खान ने तीखा व्यंग्य करते हुए कहा, “जो गाय दूध देना बंद कर दे और बछड़ा पैदा करना बंद कर दे, उन्हें भाजपा नेताओं के संरक्षण में देने की राष्ट्रीय योजना बनाई जाए। इससे गोसेवा के दावों की असली परीक्षा भी हो जाएगी और किसानों को राहत भी मिलेगी।”
अंतिम अपील : उन्होंने केंद्र सरकार से भावनात्मक राजनीति छोड़कर वैज्ञानिक, संवैधानिक और आर्थिक आधार पर नई पशुधन नीति बनाने की अपील की। अरशद खान का कहना है कि कृषि, पशुपालन, डेयरी और चमड़ा उद्योग को आधुनिक आर्थिक मॉडल के अनुसार पुनर्गठित किए बिना भारत को सच्ची आर्थिक महाशक्ति नहीं बनाया जा सकता।
यह पत्र वर्तमान कृषि संकट, किसानों की बदहाली और बेरोजगारी के बीच काफी चर्चा का विषय बनने वाला है।






