निचली अदालत ने सुनाया अपना फैसला: आसाराम सहित 5 में से तीन आरोपियों को भी कोर्ट ने दोषी करार दिया, दो आरोपी हुए बरी
जोधपुर,25 अप्रैल। आसाराम के मामले में आज निचली अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने आसाराम को दोषी करार दिया है। साथ ही आसाराम सहित 5 में से तीन आरोपियों को भी कोर्ट ने दोषी करार दिया है। वहीं इस मामले के दो आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। इस मामले में आसाराम सहित दो आरोपियों पर सजा का एलान होना अभी बाकी है। गौरतलब है कि आसाराम बापू राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में लंबे अर्से से बंद है। बाबा ने कई बार कोर्ट से सुनवाई जल्द पूरी करने की गुहार लगाई थी। फैसले को देखते हुए जोधपुर में धारा 144 लागू की जा चुकी है। वही दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है।
दूसरी तरफ आसाराम को दोषी करार दिये जाने के बाद उनकी प्रवक्ता नीलम दुबे ने मीडिया से कहा कि हम अपनी लीगल टीम से चर्चा करने के बाद ही आगे की कार्रवाई के लिये कोई भी पर फैसला करेंगे।मिली जानकारी के अनुसार आसाराम सेन्ट्रल जेल में बंद हैं और उस ओर जाने वाली दोनों सड़कों को सील कर दिया गया है। केवल मीडिया कर्मियों को जेल के बाहर तक जाने की अनुमति है।
कानून और व्यवस्था को खतरे की आशंका के कारण केन्द्र ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा सरकारों से सुरक्षा कड़ी करने और अतिरिक्त बलों को तैनात करने को कहा है. तीनों राज्यों में 77 वर्षीय आसाराम के भारी संख्या में समर्थक हैं और उन्हें कम से कम 10 साल जेल की सजा सुनायी जाएगी।
वहीं राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार निचली अदालत आज जोधपुर सेन्ट्रल जेल परिसर में ही सुनवाई कर रही है. क्योंकि जेल में भी कोर्ट बनाया गया है. जहां पर आसाराम पिछले चार साल से बंद हैं। आसाराम पर उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर की एक किशोरी के साथ रेप करने का आरोप है, जो मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा के उनके आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। आसाराम ने रेप के आरोपों का खंडन किया है। पीड़िता के शाहजहांपुर स्थित आवास के बाहर भी सुरक्षा कड़ी की गई है।
मिल सकती है आजीवन कारावास सजा
आसाराम के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 376, 342, 506 और पोस्को की धाराओं के तहत आसाराम को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इस केस में कोर्ट ने भी सख्ती दिखाते हुए आसाराम की जमानत याचिका कई बार खारिज की है। अगर आसाराम को जोधपुर कोर्ट से राहत मिलती भी है, तो गुजरात में भी उनके खिलाफ बलात्कार के मामले में तलवार लटकती रहेगी। ये दोनों ही केस अलग अलग चल रहे हैं। आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया था।
जोधपुर में धारा 144
दिल्ली समेत राजस्थान तक में फैसले के बाद कोई अव्यवस्था नहीं फैले इसके लिए दोनों राज्यों की सरकारों ने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है वहीं, जोधपुर में भी धारा 144 लगा दी गई है। कहीं भी भीड़ के जमा होते ही ऐक्शन लिया जाएगा। दिल्ली पुलिस के अधिकारी यूपी और हरियाणा पुलिस से भी संपर्क बनाए हुए हैं। पुलिस लोकल इंटेलिजेंस के जरिए आसाराम के आश्रमों और उनके समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रख रही है।







