लखनऊ, 26 जून 2026 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपातकाल की 51वीं बरसी पर ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर लोक भवन में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विशेष कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प दोहराया।
लोकतंत्र सेनानियों को सलाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था, जब संविधान को कुचलने की कोशिश की गई थी। आज हम उसी गलती से सबक लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

प्रदर्शनी में दिखा आपातकाल का सच्चा इतिहास
सीएम योगी ने लोक भवन में लगाई गई प्रदर्शनी का विस्तार से अवलोकन किया। प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं, पत्रकारों पर Censorship, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग की दुर्लभ तस्वीरों और दस्तावेजों को प्रदर्शित किया गया था। यह प्रदर्शनी नई पीढ़ी को लोकतंत्र की कीमत और उसकी रक्षा की अहमियत समझाने का एक प्रभावी माध्यम बनी।
मजबूत लोकतंत्र का संदेश
मुख्यमंत्री ने संबोधन में जोर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार लोकतंत्र को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
- संविधान सर्वोपरि है।
- हर नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा हमारी प्राथमिकता है।
- आपातकाल जैसी काली घटनाओं को दोहराने नहीं दिया जाएगा।
लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम में सीएम योगी ने आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों के स्वास्थ्य लाभ और सम्मान के लिए जल्द नई योजनाएं शुरू करने का संकेत भी दिया।
बता दें कि यह कार्यक्रम न केवल ऐतिहासिक घटना की याद दिलाता है, बल्कि वर्तमान में संवैधानिक मूल्यों के प्रति उत्तर प्रदेश सरकार की अटूट निष्ठा को भी दर्शाता है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में लोकतंत्र और विकास साथ-साथ चल रहे हैं।
संविधान हत्या दिवस के अवसर पर सीएम योगी का यह कार्यक्रम लोकतंत्र प्रेमियों के लिए प्रेरणादायी साबित हुआ।






