होनोलूलू , 04 मई। दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी में से एक किलाएवा ज्वालामुखी गुरुवार को फट गया। जिसके बाद का नजारा कुछ ऐसा था कि आसमान राख से ढका हुआ था और आवासीय इलाके में लावा के फव्वारें निकल रहे थे। इस घटना के बाद क्षेत्र के करीब 1,700 लोगों को प्रभावित इलाके को छोड़कर जाने को मजबूर होना पड़ा। हवाई ज्वालामुखी ऑब्जर्वेटरी ने भी गुरुवार को ज्वालामुखी फटने की पुष्टि की, जिससे लीलानी प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने निवासियों को पास के समुदाय केंद्र में शरण लेने के निर्देश दिए हैं।
हवाई के नेशनल गार्ड मुसीबत की इस घड़ी में आगे आए। गार्ड लोगों को निकालने व सुरक्षा में मदद कर रहा है। आपको बता दें कि इस द्वीप पर पहले कई बार झटके महसूस हुए हैं, जिसके बाद ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ है। अमरीकी भूगर्भीय सर्वेक्षण का इस मामले में कहना है कि इसका वेग रिक्टर स्केल पर अधिकतम पांच मापा गया है। मीडिया और काउंटी की नागरिक रक्षा एजेंसी के मुताबिक सार्वजनिक कार्य अधिकारियों ने भाप और लावा उत्सर्जन की खबर के बाद लगभग 10,000 लोगों को घरों को खाली करने का आदेश दिया था।
निवासियों ने मीडिया को बताया कि उसने 125 फीट (38 मीटर) ऊंचा लावा के “फव्वारे” देखे थे। सोशल मीडिया पर ज्वालामुखी फटने की तस्वीरें वायरल हो रहीं हैं। बता दें कि ये ज्वालामुखी लगभग तीन दशकों से लगातार उभर रहा है। अमरीकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, ज्वालामुखी के लावा में पांच में से एक द्वीप करीब 48 स्कायर मील (125 किमी) दफन हो गया। आशंका जताई जा रही है कि लावा का अग्रणी किनारा लगभग 2,100 फारेनहाइट (1,149 सेल्सियस) तक पहुंच सकता है।







