- 40 लाख स्मार्ट मीटर लगाये जाने की प्रक्रिया के रोल आउट प्लान पर बिना आयोग की अनुमति लिये कार्यवाही शुरू करने पर उपभोक्ता परिषद के जनहित प्रत्यावेदन पर आयोग गंभीर, सुनाया अहम फैसला
- नियामक आयोग ने प्रबन्ध निदेशक, पावर कारपोरेशन को दिया निर्देश, स्मार्ट मीटर लगाने के रोल आउट प्लान को अनुमोदन हेतु अविलम्ब आयोग को सौंपा जाये
- उपभोक्ता परिषद ने दाखिल किया था प्रत्यावेदन और पावर कारपोरेशन पर खडे किये थे सवाल बिना आयोग के अनुमोदन के ही कारपोरेशन ने शुरू कर दी कार्यवाही जो पूरी तरह गलत
लखनऊ, 16 मई। यूपी में लगने वाले 40 लाख स्मार्ट मीटर के रोल आउट प्लान पर पावर कारपोरेशन द्वारा बिना नियामक आयोग से अनुमोदन लिये कार्य शुरू किये जाने के विरोध में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने 14 मई को नियामक आयोग में एक जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर भारत सरकार व केन्द्र्रीय विद्युत प्राधिकरण की गाइड लाइन की एक प्रति आयोग को सौंपते हुये अपना विरोध दर्ज कराया था और यह आरोप लगाया था कि लखनऊ, बनारस सहित अनेकों जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर बिना रोल आउट प्लान अनुमोदित कराये कार्यवाही शुरू कर दी गयी है।
जिस पर उप्र विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एस के अग्रवाल व सदस्य कौशल किशोर शर्मा ने अपना फैसला सुनाते हुये उप्र पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक को यह निर्देश दिया कि उपभोक्ता परिषद द्वारा दाखिल जनहित प्रत्यावेदन के क्रम में केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के प्राविधानानुसार टैरिफ पालिसी 2016 के अन्तर्गत स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोल आउट प्लान अविलम्ब आयोग के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करें।
नियामक आयोग के सचिव संजय श्रीवास्तव द्वारा आयेाग के फैसले का निर्देश पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक को भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा द्वारा आयोग के समक्ष यह मुददा उठाया गया था कि स्मार्ट मीटर लगाने की पूरी प्रक्रिया पर पार्दर्शिता बनाये रखने हेतु पावर कारपोरेशन सबसे पहले स्मार्ट मीटर का वीआईएस सार्टिफिकेट आईएस 16444 के तहत मीटर निर्माता कम्पनियों से प्राप्त करे और साथ ही भारत सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर को लगाने हेतु जारी गाइड लाइन के अनुसार रोल आउट प्लान पर आयोग से अनुमोदल ले। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी गाइड लाइन टैरिफ पालिसी 2016 के क्रम में स्पष्ट रूप से यह प्राविधानित है कि पहले चरण में उन विद्युत उपभोक्ताओं के यहाॅं मीटर स्थापित किया जाये जिनका प्रतिमाह उपभोग 500 यूनिट से अधिक है और द्वितीय चरण में उन विद्युत उपभोक्ताओं के यहाॅ स्मार्ट मीटर स्थापित किया जाये जिनका उपभोग प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक है।
उन्होंने कहा कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी गाइड लाइन में यह भी स्पष्ट रूप से प्राविधानित है कि बिजली कम्पनियों को ऐसे क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्राथमिकता रखना चाहिये जहाॅ लाइन हानियाॅं अधिक है। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत नही होगा कि ज्यादा बिजली चोरी वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाना ज्यादा लाभकारी सिद्ध होगा।







