पर्यटकों को खूब भाता है यहां का प्राकृतिक वातावरण
काजीरंगा नेशनल पार्क भारत के असम राज्य में पड़ता है यहां के गगनचुंबी नीले पर्वतों, इठलाती मचलती हुई नदियों की घाटियों से सजी असम की हरी भरी धरती देश के पूर्वोत्तर हिस्से के प्रवेश विशेष द्वार है। उत्तरी भारत के पर्यटकों के लिए यह एक लोकप्रिय स्थान है। वैसे असम में पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कई खास स्थान और भी हैं।
यहां की सबसे खास ब्रह्मपुत्र नदी है यह नदी तिब्बत, भारत के साथ बांग्लादेश से होकर बहती है। ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत के दक्षिण में मानसरोवर के निकट चेमायुंग दुंग नामक हिमवाह से हुआ है।
असम का विशेष पर्यटन स्थल है काजीरंगा नेशनल पार्क
काजीरंगा नेशनल पार्क मध्य असम में लगभग 430 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल के बहुत बड़े जंगल में फैला हुआ है। इस पार्क में भारतीय एक सींग वाले गैंडे जैसे प्रणियों का निवास स्थल है। काजीरंगा को वर्ष 1905 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। सर्दी के ऋतु में यहाँ साइबेरियन मेहमान पक्षी आते रहते है। इसके अलावा यहाँ की दलदली भूमि का धीरे-धीरे समाप्त हो जाना एक गंभीर समस्या का विषय है जो वैज्ञाविनिकों के लिए चुनौती है। काजीरंगा पार्क में विभिन्न प्रजातियों के बाज तथा विभिन्न प्रजातियों की चीलें एवं तोते आदि भी पाये जाते हैं।

वनस्पतियों और जीव- जंतुओं से समृद्ध:
इस काज़ीरंगा पार्क का प्राकृतिक परिवेश वनस्पतियों से काफी समृद्ध है और वनों का विस्तार बहुत दूर तक फैला है जो बस देखते बनता है, यहाँ पर मोटे वृक्ष एवं विशालकाय दलदली स्थान और उथले तालाब हैं। एक सींग वाले गैंडा, हाथी, भारतीय भैंसा, हिरण, सांभर, बाघ, भालू चीते, सुअर, बिल्ली, जंगली बिल्ली, हॉग बैजर, लंगूर, हुलॉक गिब्बन, भेड़िया, साही, अजगर एवं अनेको विभिन्न प्रकार की चिडियाँ, जैसे-‘पेलीकन’, बत्तख, कलहंस, हॉर्नबिल, आइबिस, जलकाक, अगरेट, बगुला, काली गर्दन वाले स्टॉर्क, लेसर एडजुलेंट, रिंगटेल फिशिंग ईगल आदि बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।
एक सींग वाले गैंडे के खास प्रसिद्ध:
काज़ीरंगा पार्क न केवल हमारे भारत में वल्कि संपूर्ण विश्व में एक सींग वाले गैंडे के लिए खासा प्रसिद्ध है। यह नेशनल पार्क असम का एक मात्र राष्ट्रीय उद्यान है। यह केंद्रीय असम में स्थित है। उद्यान उबड़-खाबड़ मैदानों, लम्बी-ऊँची घासों, आदिवासियों एवं भयंकर दलदली क्षेत्रों के रूप में फैला हुआ हैं। यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहरों में से एक घोषित किया जा चुका है सन 2005 में काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान को विश्व धरोहर घोषित किये हुए लगभग 100 वर्षों का समय गुजर चुका है।
वैसे असम में स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क में पर्यटकों को एक बार अवश्य घूमने जाना चाहिए, यहां का विशेष आकर्षण एक सींग वाले गैंडे उन्हें काफी संख्या में देखने को मिल सकते है। इसके साथ ही साथ यहां कई तरह के अन्य किस्म के वन्य जीवों को देखा जा सकता हैं। यहां आप हाथी पर भी सवार होकर जंगल की सैर करने का लुत्फ उठा सकते हैं।
कैसे जाएं कांजीरंगा:
काजीरंगा गुवाहाटी से लगभग 225 किलोमीटर की दूरी पर है और काजीरंगा तक पहुंचने के लिए सबसे अच्छा तरीका कैब से पहुंचने का है। आसपास के अन्य शहरों के अलावा तेजपुर और गोलाघाट भी हैं, जो राज्य के अन्य हिस्सों से भी जुड़े हुए हैं।
यहां आप राष्ट्रीय उद्यान के अन्दर रहकर पूरा दिन बिताने तक ही सीमित नहीं है वल्कि पार्क में एवं इसके आसपास कई अन्य आकर्षण भी मौजूद हैं, जहां आप चाहे तो जे भर कर घूम सकते हैं। इसके अलावा सोनितपुर जिले का उप प्रभागीय शहर, गोहपुर एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक शहर है। एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल काकोचांग झरना भी है, जो यात्रियों के आने के लिए एक दिलचस्प जगह है। नुमालीगढ़ (गोलाघाट जिले) में, पर्यटक देवपर्वत खंडहर की यात्रा भी कर सकते हैं।
मौसम के तेवर:
काजीरंगा भारी वर्षा के लिए जाना जाता है। इस के कारण, काजीरंगा नेशनल पार्क हर साल कई महीनों के लिए जनता के लिए भी बंद रहता है। यह उद्यान अपने आप में तीन अलग-अलग तरह की जलवायु का अनुभव करता है- ग्रीष्मकाल, मानसून और सर्दियां। जहां गर्मियां शुष्क और हवा वाली होती हैं, वहीं मानसून अक्सर उद्यान में बाढ़ लाता है। सर्दियां अच्छी होती हैं और राष्ट्रीय उद्यान घूमने के लिए सबसे अच्छा समय है।







