जंगलों की खामोशी और जंगली रोमांच की दुनिया
प्रस्तुति : सुशील कुमार
हरिद्वार से बस 20-25 किलोमीटर दूर शिवालिक पहाड़ियों में बसा राजाजी नेशनल पार्क उत्तराखंड का एक ऐसा खजाना है, जहां घने जंगल, बहती नदियां, हरे-भरे मैदान और जंगली जानवर एक साथ मिलते हैं। 820 वर्ग किलोमीटर में फैला यह पार्क प्रकृति प्रेमियों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर्स के लिए स्वर्ग है।
दिल को छू लेने वाली यादें और रोचक घटनाएं
पिछले दिनों आठ मई से चौदह मई 2026 के बीच उत्तराखंड के हरिद्वार जाना हुआ जहां देहरादून ऋषिकेश घूमना हुआ। मुझे जो सबसे प्यारी जगह इंटेक्ट की वह ऋषिकेश और सफारी के लिए राजाजी नेशनल पार्क ! इस सफारी की सबसे खूबसूरत जगह यहाँ की सबसे नेचुरल ख़ूबसूरती जहाँ नदियों के पानी की कटान जो बलुआ मिटटी और खूबसूरत पहाड़ी जो किसी को भी आकर्षित कर सकती है. कहते हैं कि राजाजी पार्क सबसे ज्यादा अपने एशियाई हाथियों के विशाल झुंडों के लिए मशहूर है। यहां सैकड़ों हाथी घूमते हैं। कई पर्यटक बताते हैं कि चिल्ला जोन में सफारी के दौरान अचानक 40-50 हाथियों का पूरा परिवार सड़क पार करता दिखा। मां हाथी छोटे बच्चों को बीच में रखकर चल रही थीं – यह नजारा देखकर सबकी आंखें नम हो गईं।
एक रोचक घटना: कुछ साल पहले एक सफारी गाइड के साथ गए पर्यटकों ने शाम के समय एक तेंदुए को स्पॉटेड डियर का शिकार करते देखा। तेंदुआ इतनी चुपके से आगे बढ़ा कि कोई हलचल नहीं हुई। एक छलांग में शिकार अपने कब्जे में कर लिया। जंगल की ये कच्ची कहानियां लंबे समय तक याद रहती हैं।
पार्क में बारहसिंगा, सांभर, चीतल, गोरल, जंगली सूअर और कभी-कभी बाघ भी दिख जाते हैं। पक्षी प्रेमी यहां 400 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षियों का आनंद लेते हैं। सर्दियों में साइबेरिया से आए प्रवासी पक्षी झिलमिल झील को रंग-बिरंगा बना देते हैं।
यात्रा के दौरान शांत रहोगे तो दिखेगा जानवर
पार्क के अंदर जाते ही आप गाड़ी या जिप्सी में जब भी बैठे और शांत मन से प्रवेश करे और इस बीच चौकन्ने रहे सबसे पहले पंछी और मोर दिखाई दे सकते हैं थोड़ा आगे बढ़ने पर लंगूर या फिर हिरन भी दिख सकते हैं। शोर बिलकुल भी न करे जैसे जैसे आप आगे बढ़ते है आपका रोमांच और बढ़ता जाता है थोड़ा घने एरिया में आपको टाइगर या तेंदुआ या फिर हांथी दिख सकता है। लेकिन सावधानी आपको हर जगह रखना होता है। जिप्सी चला रहा गाइड बताता है कि यहाँ सुबह और शाम अक्सर बड़े जानवर दिख जाते हैं लेकिन कभी कभार दिन में दिख जाते हैं लेकिन दिन में वह अक्सर आराम करते हैं जो लगभग न के बराबर दिखते हैं दिन में अक्सर मोर बन्दर और हिरन या फिर मुर्गा वगैरह नज़र आते हैं।
सबसे अच्छा मौसम कब है?
सबसे आरामदायक और अच्छा समय:
- नवंबर से फरवरी (सर्दियां)
- मौसम सुहावना रहता है, घूमना आसान होता है और पक्षी देखने के लिए बेस्ट सीजन है।
- जानवर देखने के लिए सबसे बेहतर समय: मार्च से जून (गर्मियां)
- पानी के स्रोत सूखने लगते हैं, इसलिए हाथी, हिरण, तेंदुआ और अन्य जानवर पानी की तलाश में खुली जगहों पर ज्यादा दिखते हैं।
- इस समय वन्यजीव देखने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
बता दें कि पार्क मॉनसून में (मध्य जून से मध्य नवंबर) बंद रहता है।
जानवर किस समय ज्यादा दिखते हैं?
सुबह की सफारी (सूर्योदय के समय):
सबसे बेहतर। रात के शिकार से लौटते जानवर आसानी से दिख जाते हैं। सुबह की सुनहरी रोशनी में जंगल का नजारा कमाल का लगता है।
शाम की सफारी: हाथियों के बड़े झुंड और शिकारी जानवर (तेंदुआ, बाघ) देखने का अच्छा मौका।
टिप: चिल्ला जोन हाथियों और सामान्य वन्यजीवों के लिए सबसे प्रसिद्ध है। मोतिचूर, झिलमिल या रानीपुर जोन भी चुन सकते हैं।
राजाजी नेशनल पार्क सिर्फ सफारी का नाम नहीं, बल्कि प्रकृति के करीब आने, शांत जंगलों में खो जाने और यादगार पलों को संजोने का अनुभव है। यहां से लौटते समय आपकी जेब में सिर्फ फोटो नहीं, बल्कि जंगल की खुशबू और रोमांच भरी कहानियां भी साथ होंगी।
अगर आप शांत वाइल्डलाइफ अनुभव चाहते हैं तो राजाजी जरूर जाएं – यहां जंगल खुद आपको अपनी कहानियां सुनाएगा!






