वॉशिंगटन, 25 मई। अमेरिका ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने को लेकर दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में अमेरिकी राज्य सचिव माइक पोम्पियो ने यूएस कांग्रेस में सीनेट नेताओं से कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन दक्षिण और केंद्रीय एशियाई क्षेत्र में जो काम कर रहे हैं उसमें भारत को केंद्रीय भूमिका निभानी चाहिए।
पोम्पियो ने यह भी कहा कि भारत को अमेरिका के इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर करीबी भागीदार होना चाहिए, विशेषकर दक्षिण सेंट्रल एशिया के मुद्दे और दक्षिणपूर्वी एशिया के मुद्दे पर। भारत को हमारे चार करीबी भागीदारों में से एक होना चाहिए और हमें मिलकर अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।
पोम्पियो सीनेटर क्रिस कून्स के सवालों के जवाब दे रहे थे। कून्स ने सवाल किया था कि विश्व के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक देश भारत के साथ हम अपने रिश्ते कैसे मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के साथ रणनीतिक वार्ता के लिए हम क्या कर सकते हैं।
पोम्पियो ने इसके जवाब में कहा कि, हम इसके लिए तत्पर हैं औऱ रक्षा सचिव मैटिस और मैं संयुक्त रूप से अपने भारतीय समकक्षों (सुषमा स्वराज और निर्मला सीतारमण) के साथ जल्द ही मुलाकात करेंगे। हालांकि हमने इसके लिए समय तय नहीं किया है। मुझे लगता है कि इसी गर्मियों में ये वार्ता तय की जा सकती है, ये बहुत ही महत्वपूर्ण है।इस बारे में निर्णय तभी ले लिया गया था जब पिछले साल 26 जून को व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई की थी।
अमेरिकी राज्य विभाग अधिकारी हीदर नॉर्ट ने ट्रंप प्रशासन से कहा था कि वे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक अहम भूमिका के लिए उभरते वैश्विक शक्ति भारत को समर्थन करें। हीदर नॉर्ट ने कहा था कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र शांति, स्थायित्व और बढ़ती समृद्धि वाला क्षेत्र है।







