एडवेंचर: इस खेल में समुद्र कब अपना मिजाज़ बदल ले कुछ नहीं कहा जा सकता
स्कूबा डाइविंग आज एक साहसिक खेल के रूप में उभर कर सामने आया है। वास्तव में स्कूबा डाईंविंग पानी के नीचे डाइविंग की एक विधा है जिसमें स्कूबा एक गोताखोर स्वमं गहरे पानी के नीचे सांस लेने की योग्यता के प्रयोग करने की कला स्कूबा कहलाता है। जहां पर व्यक्ति पानी के नीचे सांस लेने के लिए सतह की आपूर्ति से पूरी तरह से स्वतंत्र होता हैं। स्कूबा डाइवर्स जो सशस्त्र बलों के साथ गुप्त ऑपरेशन में लगे रहते हैं उन्हें फ्रोग् मैन, लड़ाकू गोताखोरों या हमले करने वाले तैराकों के रूप में भी जाना जाता है। लेकिन आज यह रोमांचकारी खेल खेलने या जोखिम उठाने की साहस रखने वाले लोगों के लिये यह एक खेल है।
समुद्री जीवों की दुनिया दिखाता है स्कूबा डाईंविंग:
समुद्र के अंदर के जीवों जैसे मछलियों और अन्य जीवों के साथ-साथ समुद्री जीवन को देखना अपने आप में एक अनूठा अनुभव है। इसमें कई सौ फ़ीट नीचे समुद्र की गहराई में जाना पड़ता है। कहते हैं यहाँ समुद्र कब अपना मिजाज़ बदल ले, या ऑक्सीजन सिलेंडर आपको कब धोखा दे दे किसी को नहीं पता होता है इसके अलावा किसी समुद्री जीव जैसे शार्क के हमले का खतरा भी हमेशा ही बना रहता है। कहते हैं भारत में पांच ऐसी जगह है जहाँ पर पानी में डाइविंग कर सकते है लेकिन अंडमान नीकोबर जैसे दीप इसके लिए सर्वोत्तम जगह है। इसके अलावा आप स्कूबा डाइविंग के रोमांच का मज़ा आप गोवा के कुछ स्थानों पर भी ले सकते हैं।
अंडमान और निकोबार:
इस द्वीप में भारत का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र हैं। ये जगह नीले पानी, वनस्पति और विचित्र जीवों जंतुओं के लिए प्रसिद्ध है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी के कुछ समय शांति एवं मनोरंजन करने के लिए यहां जा सकते हैं। विशालकाय पेड़, नारियल के बड़े-बड़े पेड़, सुंदर फूल और साफ पानी इस आइलैंड की खूबसूरती में चारचांद लगा देते हैं। ये आइलैंड स्कूबा डाइविंग के लिए भी बहुत प्रसिद्ध हैं।
कब जाएँ: यहां पर स्कूबा डाइविंग करने के लिए आप अक्टूबर से मई के महीने तक कभी भी जा सकते हैं।
– जी क़े चक्रवर्ती







