लखनऊ: भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह एवं स्मारिका विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला।
नाम बदलने का सवाल
सीएम योगी ने पूछा, “इन लोगों से पूछा जाना चाहिए कि बाबा साहब के नाम पर बने जनपद और सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर बने जनपद का नाम क्यों बदला गया? देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान केजीएमयू का नाम जिस महापुरुष के नाम पर था, उसे क्यों बदला? भाषा विश्वविद्यालय और कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदल दिया गया?”
गरीबों-दलितों पर ‘डकैती’ का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि गरीबों, दलितों और वंचितों के हक पर डकैती डालने वाला, उन्हें जमीन के पट्टे से वंचित करने वाला, स्वच्छ भारत मिशन के शौचालयों पर ब्रेक लगाने वाला और पीएम आवास योजना को लागू नहीं होने देने वाला कौन था? उन्होंने खुद जवाब देते हुए कहा, “वह नाम समाजवादी पार्टी के वर्तमान मुखिया का ही सामने आएगा।”
चांदी का चम्मच vs वंचितों की पीड़ा : सीएम ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा, “ये वो लोग हैं जो चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए थे। इन्होंने कभी गरीबों, दलितों और वंचितों की पीड़ा नहीं देखी।”
कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहब की विचारधारा से प्रेरणा लेने की अपील की और कहा कि सपा ने दलित-वंचितों के प्रतीकों को मिटाने का काम किया, जबकि वर्तमान सरकार उनके सम्मान और विकास पर जोर दे रही है। यह संबोधन आंबेडकर जयंती को राजनीतिक मुद्दा बनाने का नया रूप माना जा रहा है।







