- ऊर्जा मंत्री का उपभोक्ता परिषद को आश्वासन प्रदेश की जनता के हित में सरकार राहत दिलाने पर कर रही विचार
लखनऊ, 06 जून। बिजली की अनेकों सेवाओं में प्रोसेसिंग फीस, सिस्टम लोडिंग चार्ज, मीटर कास्ट सहित अनेक सेवाओं में 18 प्रतिशत जीएसटी लागू करने के विरोध में आज उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने शक्ति भवन कार्यालय में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और एक बैठक की। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री को अवगत कराया कि बिजली कम्पनियों द्वारा उन सेवाओं पर भी जीएसटी लागू कर दी गयी जो जीएसटी की परिधि से बाहर हैं।
सिस्टम लोडिंग चार्ज व मीटर कास्ट पर जीएसटी नहीं वसूली जा सकती। इसके बावजूद भी बिजली कम्पनियां गलत तरीके से वसूल रही हैं। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष द्वारा भारत सरकार द्वारा जारी जीएसटी के सम्बन्ध में शासनादेश को भी ऊर्जा मंत्री के सामने रखा, जिसमें सिस्टम लोडिंग व मीटर कास्ट पर जीएसटी वसूलने का नियम नहीं है। मीटर टेस्टिंग व प्रोसेसिंग फीस जिस पर जीएसटी वसूलने का प्राविधान है, उसको भी उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा मंत्री से समाप्त कराने की मांग उठायी।
ऊर्जा मंत्री द्वारा उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया गया कि सरकार इस मुद्दे पर गम्भीरता से विचार कर रही है। बिजली की सेवाओं पर जीएसटी वसूलने के पूरे मुद्दे पर उपभोक्ताओं के हित में उचित निर्णय लिया जायेगा, सरकार इस दिशा में प्रयासरत है। जिन सेवाओं पर जीएसटी की वसूली नहीं होनी है, उन पर जीएसटी की वसूली बिल्कुल नहीं होगी।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली कनेक्शन की किसी भी सेवा पर यदि जीएसटी लागू की जायेगी तो उससे पूरे देश में गलत संदेश जायेगा कि एक तरफ सरकार हर घर बिजली देने के लिये नया कनेक्शन दो अभियान चला रही है और दूसरी तरफ जीएसटी वसूल की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं से इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के मद में एक कर वसूलती है। ऐसे में जीएसटी की वसूली समाप्त होनी चाहिए। सबसे ज्यादा इसका प्रभाव उन किसानों पर पड़ रहा है कि जिनका ट्यूबवेल का स्टीमेट तैयार हो रहा है और उस पर हजारों रूपया जीएसटी वसूली जा रही है।







