सभी को किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं देंगे, एमबीबीएस की सीटों में 15000 का इजाफा
नई दिल्ली, 08 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक वीडियो कांफ्रेंसिंग प्रेस वार्ता में कहा कि किसी भी बीमारी के दौरान गरीब को सबसे बड़ी चिंता होती है दवा कहां से आएगी इसी समस्या का निदान करने के लिए सरकार ने जन औषधि परियोजना की शुरुआत की ताकि उन्हें तमाम तरह की दवाएं न्यूनतम दरों पर उपलब्ध हो सकें।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारतीय जन औषधि परियोजना और किफायती स्टेंट तथा घुटना प्रत्यारोपण के लाभार्थियों से गुरुवार सुबह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार अधिक बिस्तर अस्पताल और डॉक्टर उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। गरीबों को इलाज में कम खर्च आए इसके लिए सरकार कदम दर कदम आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों को बेहतर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 90 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज खोले हैं। जबकि एमबीबीएस की सीटों में 15000 का इजाफा किया गया है।
प्रधानमंत्री ने सरकार की महत्वकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के बारे में कहां इस योजना के तहत करीब 10 करोड़ परिवारों और 50 करोड़ लोगों को 550 करोड़ लोगों को पचास लाख का स्वास्थ्य बीमा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के पहले चरण को लागू कर दिया गया और जल्दी पूरे देश को इसका लाभ मिलने लगेगा। श्री मोदी ने कहा कि छोटे गांवों और कस्बों में रहने वालों को दूर अस्पतालों तथा स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में आने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आयुष्मान भारत के तहत पूरे देश में 1.5 लाख स्वास्थ्य केंद्र खोलने का फैसला लिया है उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में दवाओं की मेडिकल जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी।







