एजेंसी क माध्यम से पता लगयाजाएगा कि केंद्र की कल्याणकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर गांवों के लोगों के लिए कितनी प्रभावशाली साबित हुई
नई दिल्ली, 19 जून। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय इस बात की जानकारी चाहता है कि सरकारी विज्ञापनों का लोगों पर कैसा असर पड़ता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी सरकार की मंशा के अनुरूप सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को नियुक्त कर इस बात का पता लगायेगा।
इस बारे में मंत्रालय का मानना है कि इससे विज्ञापनों में खर्च होने वाले धन के उचित इस्तेमाल की रणनीति बनायी जा सकेगी। साथ ही मोदी सरकार अध्ययन के माध्यम से यह भी जानना चाहती है कि केंद्र की कल्याणकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर गांवों के लोगों के लिए कितनी प्रभावशाली साबित हुई हैं और कितने लोगों को इसका फायदा पहुंच रहा है।
गौरतलब है कि मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर साफ नीयत, सही विकास के नारे के साथ जनता के बीच उतरी भाजपा ने शहरी क्षेत्रों में खासी पकड़ बनाई है। लेकिन अब सरकार जानना चाहती है कि साफ नीयत, सही विकास कैंपेन ग्रामीण इलाकों में कितना कारगर साबित हुआ है। सरकार को यह चिंता सता रही है कि केन्द्र की कल्याणकारी योजनाएं प्रभावशाली ढंग से गांवों तक पहुंच पायी हैं या नही सरकार यह भी जानना चाहती है कि सरकारी योजनाओं को लेकर ग्रामीण अंचलों में रहने वाले ग्रामवासियों की क्या प्रतिक्रियाएं हैं।
समाचार पत्रों और सोशल साइट से अपनी बात का कैम्पेन कर रही है मोदी सरकार
मोदी सरकार अपनी प्रभावी योजनाएं समाचार पत्रों और सोशल साइट, वेबसाइट और होर्डिंग-बैनर के जरिए माध़्यम से पीएम आवास योजना, राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान, गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने वाली उज्ज्वला योजना, ग्रामीण विद्युतीकरण योजना और मुद्रा स्कीम जैसी योजनाएं लागू कर लोगों को संदेश देना चाहती है कि सही विकास के लिए मोदी सरकार की नीयत बिल्कुल साफ़ है।
इस कड़ी में सरकार शहरों में वेबसाइट और होर्डिंग-बैनर के जरिए अपनी बात वह पहुंचा रही है। पार्टी ने संपर्क से समर्थन अभियान के जरिए चार हजार कार्यकर्ताओं सहित केन्द्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप-मुख्यमंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत सदस्यों एवं वरिष्ठ संगठन पदाधिकारियों को समाज के एक लाख प्रतिष्ठित लोगों तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी है।
जिसके तहत ये सभी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा-नीत सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचा रहे हैं। साथ ही सरकार इस कैंपेन को पूरे देश में प्रचारित करने के लिए टीवी, रेडियो, अखबार, थिएटर जैसे मल्टी-मीडिया माध्यमों के अलावा बड़े-बड़े होर्डिंग्स और डिस्प्ले बोर्ड का भी इस्तेमाल कर रही है।
लेकिन फिर भी सरकार का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में तो प्रचार ठीक से पहुंच पा रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इसकी पहुंच को लेकर अभी भी संशय है। सूत्रों के अनुसार सरकार किसी रिसर्च एजेंसी को हायर कर ग्रामीण इलाकों सहित देशभर में व्यापक सर्वेक्षण करा कर इस अभियान का असर का पता लगाने की योजना बना रही है।







