सुशील कुमार
मछलियां प्रकृति की सबसे खूबसूरत रचना है मान्यता है कि लोग इन्हे बेहद शुभ मानते हैं घर में यदि पैसों की समस्या हो या आफिस की दिक्कत ये समस्याएं जरुर दूर करती हैं। इसलिए घर में मछलियों को रखने से ये परेशानियां खुद से ठीक होने लगती हैं।
कहा जाता हैं कि समुद्री संसार पृथ्वी का सबसे बड़ा पारितंत्र है इसके अंतर्गत लवण कक्ष तथा अंतर ज्वारीय पारिस्थितिक, कक्ष, वनस्पति, शैवाल, भित्तियां, प्रवाल आती हैं समुद्र जल पृथ्वी के तल का दो तिहाई हिस्सा है। समुद्री जंतु जैसे प्रवाल भित्तियां भोजन तथा आश्रय प्रदान करने वाली चीजें हैं समुद्री जीवन के अंतर्गत छोटे वनस्पति से एंथियास, हॉकफिश, फायर फिश लॉन्ग होर्ड, काऊ फिश, पाउडर फिश,गाबी रेड नॉब्ड स्टार फिश आदि आते हैं।
तो आइये जानते हैं इन मछलियों के अद्भुत संसार के बारे में, यदि आप इन्हे करीब से देखना चाहते हैं तो समुद्र के अलावा लखनऊ के अलीगंज स्थित आंचलिक विज्ञानं केंद्र में बने बायोलॉजिकल एक्वेरियम में जाकर भी देख सकते हैं।-
एरोवाना
यह मांसाहारी है तथा पहले की बड़ी टी लोस्ट मछली की वंशज है यह एशिया में घन दीर्घायु के प्रतीक के रूप में बहुतायत में बेची जाती है यह प्राय ताजे जल में रहने वाली मछली है इसकी उत्तपत्ति एशिया में बताई जाती हैं इसका प्राकृतिक आवास ताजा पानी है।
ऑस्कर मछली
ऑस्कर मछली विभिन्न प्रकार के जल में पाई जाती है इसकी उत्पत्ति दक्षिण अमेरिका में हुई उनका मूल रंग परिवर्तित होता रहता है लेकिन यह समानयता: गाड़े जैविक रंगों में पाई जाती है यह मांस के टुकड़े समेत कुछ भी खा सकती है तथा इसका आकार 33 सेंटीमीटर तक होता है अधिकतर नरों में अधिकतर के प्रष्ठिया प्रिय पंख में आधार भाग पाए जाते हैं।
गोल्ड फिश
गोल्डफिश सर्वाहारी होती हैं तथा जल की विभिन्न परिस्थितियों को सहने में सहायक होती है यह अधिक भूखी खाने और लालची तथा अधिक मात्रा में अपशिष्ट पदार्थ करने के लिए जानी जाती है इसकी दो पूंछ वाली प्रजातियां अधिक गर्म या फिर कोमल स्थान के तापमान में रखी जाती हैं इसका प्राकृतिक आवास तालाब एवं मछली घर होता हैं इसकी उत्पत्ति हॉलेंड एवं चीन में हुई बताई जाती है।
टाइगर शार्क
टाइगर शार्क को कई तरह का भोजन पसंद है और यह अधिक मात्रा में मांस के टुकड़े या फिर झींगा मछली खाती है इनका रंग आयु के अनुसार बदलता रहता है। (नन्हे) किशोर टाइगर शार्क का रंग चमकदार काला होता है और वयस्क होने पर सफेद हो जाता है ये खतरनाक मछली मूल रूप से नदियों और तालाबों के गहरे तल में पायी जाती हैं। इसकी उत्पत्ति अमेरिका के निचले कैलिफोर्निया में बताई जाती है।
पैरेट फिश
ये प्यारी मछली मूल रूप से कठोर एवं अधिक क्षारिये जल में पायी जाती है इनकी प्रजनन प्रक्रिया में भिन्नता सब्सट्रेट स्पॉनिंग से लेकर बाई पैरेंटल माउथ से होते हुए एरिना मैटरनल माउथ ब्रूडिंग तक होती है बताया जाता है कि यह दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है।
फ्लावर हार्न
इस मछली का पूरा नाम फ्लावर हॉर्न हुआ लुओ हा है यह खासतौर से केंद्रीय अमेरिका में लेकिन अब एशिया में है इसकी उत्पत्ति के बारे में यह विश्वास किया जाता है कि 1996 के आसपास मलेशिया में एम्फीलोकस सिट्रीनेल्स तथा एम्फीलोकस ट्री मैकुलम के बीच संकरण कराकर इनका पहली बार विभाजन किया गया। कुछ लोगो का मानना है कि इनका जॉइंट ब्लड पैरेट से कराया गया ये उनका अपना संकरण है फिलहाल इसका वैज्ञानिक नाम नहीं है और यह भोजन में मछली केंचुआ कीड़े सब्जियां पालक मटर आदि का सेवन करती है।
- एक्वेरियम में मछलियां रखने के लिए रखे इन बातों का खास ध्यान-
- ये तो आप जान चुके की मछलियों को शुभ माना जाता है। आप एक्वेरियम को अपने घर पर
- इस तरह रखे ताकि आपको इसका सीधा फायेदा हो सके।
- मछलियों के एक्वेरियम को हमेशा सूर्य की प्राकृतिक रौशनी में रखें। इससे मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक उर्जा आती है।
- नारंगी रंग की मछलियां बेहद शुभ मानी जाती हैं पर उनके साथ एक काली मछली को भी जरूर रखें। लाल और काली रंग की मछलियां खुशहाली का प्रतीक होती हैं।
- मछलियां बेहद एक्टिव होती हैं। और इसी वजह से यह अपना प्रभाव हमारे उपर छोड़ती हैं।
पैसों की समस्या हो या घर और आफिस की दिक्कत ये समस्याएं जरुर आती है। इसलिए घर में मछलियों को रखने से ये परेशानियां खुद से ठीक होने लगती हैं। - घर पर मछलियों का एक्वेरियम रखने से घर के अंदर के वातावरण में खुशी बनी रहती है। रंगीन मछलियां आपके जीवन को भी रंगीन बनाती है।







