Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 574 आजा प्यारे बादरा, दे जा जरा सुकून। कर दे थोड़ी सी कृपा, बहुत तप रहा जून।। बहुत तप रहा जून, और न करो तुम ठिठोली, सुबह दोपहर शाम, खेलते आंख मिचोली, जालिम तेरे बिना बज रहा, सब का बाजा। अक्ल चर रही घास, बादरा अब तो आ जा।। -सीएम त्रिपाठी
‘सेल्स’ अब सिर्फ बिजनेस नहीं, जीवन का जरूरी कौशल है! मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की नितीन ढबू की किताब का विमोचन
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