Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, October 25
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    कर्त्तव्यों के चक्रव्यूह में घिरे हैं कई कलमकार!

    ShagunBy ShagunJune 12, 2026 ब्लॉग No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Many writers are caught in a labyrinth of duties!
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 263

    राहुल कुमार गुप्ता

    एक मनुष्य का जीवन क्या है? शायद, खुद को किस्तों में अपनों और समाज के नाम कर देने की एक अनवरत यात्रा। यह महज मेरे अंतर्मन से उपजी छटपटाहट नहीं है बल्कि आज के दौर के हर उस संवेदनशील और जागरूक नागरिक की कहानी है, जो रिश्तों के दायित्वों और सामाजिक चेतना के दो पाटों के बीच पिस रहा है।

    हमारा जीवन एक रंगमंच की तरह है, जहाँ हम एक हैं, लेकिन हमारी भूमिकाएँ अनेक हैं। कभी एक बेटा जो अपने बूढ़े माता-पिता की लाठी बनना चाहता है, कभी एक पति जो अपनी संगिनी का संबल है, कभी भाई, कभी पिता, तो कभी दफ्तर की ज़िम्मेदारियाँ और समाज व देश के प्रति नागरिक धर्म। इन असंख्य रिश्तों की उम्मीदों के चलते हमारे भीतर न जाने कितने कार्यकारी रूप जन्म ले लेते हैं। हम सबके सामने उनकी कसौटियों पर खरे उतरने की या कोशिश करते हैं या फिर स्वांग रचते हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में हमारा मूल स्व कहाँ खो जाता है, हमें अंदाज़ा ही नहीं होता। दुविधा तब और गहरी हो जाती है जब ये कर्तव्य आपस में टकराते हैं। महाभारत के मैदान में जैसे अर्जुन अपनों के ही सामने धर्म-संकट में खड़े थे, वैसी ही कशमकश रोज़ एक आम इंसान जीता है। जब उसे एक अच्छा बेटा, एक समर्पित पति और एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के बीच किसी एक को चुनना पड़ता है।Many writers are caught in a labyrinth of duties!

    लेकिन मेरी यह बेचैनी सिर्फ पारिवारिक दायित्वों तक सीमित नहीं है; इसका विस्तार देश और समाज की मौन विकृतियों तक है। आज का दौर वह है जहाँ समालोचना (कन्स्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म) को राजद्रोह या विद्रोह मान लिया जाता है। सत्ताएँ जब असहमति की आवाज़ों को कुचलने लगें, तो लिखने-पढ़ने वाले हाथ काँपने लगते हैं। इतिहास गवाह है कि सुकरात से लेकर कबीर तक, जिसने भी समाज को आईना दिखाया, उसे व्यवस्था का कोपभाजन बनना पड़ा। ऐसे माहौल में जब चारों ओर कुंभकर्णी नींद में सोई हुई सामूहिक चेतना दिखती है, तो मन निराश हो जाता है। लगता है कि सब व्यर्थ है, यहाँ कोई क्रांति नहीं आने वाली। मन करता है कि हम भी अपनी आँखें मूँद लें, बाकी दुनिया की तरह इस सोई हुई चेतना का हिस्सा बन जाएँ, ताकि हमारा परिवार और हम भौतिक रूप से सुरक्षित और सुखी रह सकें।

    परंतु, एक लेखक, एक विचारक का दिल इस सुखद अज्ञानता को स्वीकार नहीं कर पाता। जब प्रकृति, समाज और देश को स्वार्थ और दानवता के साए में घिरते देखते हैं, तो ईश्वर द्वारा भेजे गए विचार मस्तिष्क में एक तूफान खड़ा कर देते हैं। वह उधेड़बुन, वह स्वतः स्फूर्त बेचैनी रातों की नींद छीन लेती है। यह वह छटपटाहट है जो कलम को रुकने नहीं देती। कबीर ने यूँ ही नहीं कहा था कि “सुखिया सब संसार है, खावै अरु सोवै। दुखिया दास कबीर है, जागै अरु रोवै।”

    विगत 25 वर्षों से अनवरत चल रहा लेखन का यह सिलसिला इसी छटपटाहट का गवाह है। यह जानते हुए भी कि रास्ता काँटों भरा है, लिखना इसलिए जारी है क्योंकि मन के किसी कोने में एक मद्धम सी उम्मीद बाकी है कि शायद इन शब्दों से, अपने व्यवहार से किसी एक की चेतना जागेगी, शायद इस वैचारिक मशाल से समाज का कोई एक कोना रोशन होगा। यदि इन विचारों से संसार में रत्ती भर भी सकारात्मक बदलाव आ सके, तो इस जीवन और लेखन दोनों की सार्थकता सिद्ध हो जाएगी।

    Shagun

    Keep Reading

    The saga of the 'Iron Man'—who united 565 princely states—now arrives on a Delhi stage.

    565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोने वाले ‘लौह पुरुष’ की गाथा अब दिल्ली के मंच पर

    नीले ड्रम’ हत्याकांड पर आया फैसला : जैसी करनी, वैसी भरनी

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    "Books focus the mind and connect it with traditions" - Brajesh Pathak; Isha-Misha Ratan's Kathak performance captivated the audience

    ‘पुस्तकें मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं’-ब्रजेश पाठक; ईशा-मीशा रतन की कथक प्रस्तुति ने मोहा मन

    A Grand Gathering of Books: 23rd 'National Book Fair' to be Held in Lucknow Starting October 1st

    किताबों का महाकुंभ: लखनऊ में 1 अक्टूबर से सजेगा 23वां ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला’

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    In the age of AI, providing accurate news is more important than rushing.

    एआई के दौर में जल्दबाजी नहीं, सही खबर देना जरूरी : विशाल सिंह

    October 24, 2026
    Anupam Kher’s story will travel from the glitz of fashion to the Himalayas.

    फैशन की चमक से हिमालय तक पहुंचेगी अनुपम खेर की कहानी

    October 24, 2026

    “मेड इन रशिया” फोरम का मुख्य विषय उच्च प्रौद्योगिकी होगा

    October 24, 2026
    2nd KN Singh Memorial Cricket Tournament: Hosts Vivekananda Modern Academy defeat SR International

    दूसरा केएन सिंह स्मारक क्रिकेट टूर्नामेंट: मेजबान विवेकानंद मॉडर्न एकेडमी ने एसआर इंटरनेशनल को दी शिकस्त

    October 22, 2026

    भारतीय विशेषज्ञों ने BRICS+ फैशन समिट में AI और कारीगरी पर की चर्चा

    October 21, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading