Share Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Post Views: 568 इंतजार में आपके, बड़ा हृदय का ताप। मानसून जी आइए, कहां छुपे हो आप।। कहां छुपे हो आप, खता मेरी बताइए, बहुत रूठना हुआ, अरे अब मान भी जाइए, करो कृपया अब नगद, ना रखें कुछ उधार में। पथराए हैं नयन, आपके इंतजार में।। -सीएम त्रिपाठी
‘सेल्स’ अब सिर्फ बिजनेस नहीं, जीवन का जरूरी कौशल है! मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की नितीन ढबू की किताब का विमोचन