- उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने उठायी संलिप्त कार्मिकों, अभियन्ताओं की बर्खास्तगी व गिरफ्तारी की मांग
- संलिप्त अभियन्ता व कार्मिकों जो होंगे दोषी जायेंगे जेल और होंगे बर्खास्त, सभी स्टोरों का होगा फिजिकल वेरीफिकेशन: ऊर्जा मंत्री
लखनऊ, 26 जून। उप्र की एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) द्वारा जिस प्रकार से विद्युतीकरण सहित अन्य सरकारी योजनाओं हेतु आपुर्ति की गयी सामग्री की चोरी का बड़ा खुलासा किया गया, जिसमें सैकड़ों किलोमीटर कन्डक्टर सहित अन्य सामग्री बरामद हुई है। निश्चिततौर पर यह तभी सम्भव है जब बिजली विभाग के कार्मिकों, अभियन्ताओं व ठेकेदारों की संलिप्तता रही होगी।
इस गम्भीर मामले को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने आज सचिवालय स्थित कार्यालय में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री से मिलकर एक ज्ञापन भी सौंपा। उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा मंत्री के सामने यह मांग रखी कि जो भी बिजली कार्मिक व अभियन्ता इन कार्यो में संलिप्त हैं उनकी जांच कराकर उन्हें बर्खास्त किया जाये और इस पूरे मामले में जो भी ठेकेदार संलिप्त हैं, उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाये और सभी संलिप्त अभियन्ताओं, ठेकेदारों, कार्मिकों को गिरफ्तार करवाया जाये।
उपभोक्ता परिषद ने कहा प्रदेश के सभी स्टोरों के पिछले 25 सालों की पूरी गतिविधियों का फिजिकल वेरीफिकेशन कराया जाये, सीएजी आडिट से जांच करायी जाये। बड़े रैकेट का खुलासा होना तय है।
सरकार इस पूरे मामले पर काफी गम्भीर है: ऊर्जा मंत्री
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि सरकार इस पूरे मामले पर काफी गम्भीर है, जो भी कार्मिक अभियन्ता इसमें संलिप्त पाये जायेंगे। उनकी बर्खास्तगी और गिरफ्तारी होना तय है। सभी स्टोरों का फिजिकल वेरीफिकेशन भी कराया जायेगा। इस गम्भीर मामले में कोई भी बख्शा नहीं जायेगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि कितने दुर्भाग्य की बात है कि एक तरफ प्रदेश में जर्जर लाइनों पर विद्युत आपूर्ति हो रही है और दुर्घटनायें भी हो रही हैं। वही दूसरी ओर एसटीएफ द्वारा जो सराहनीय खुलासा किया गया उसमें सैकड़ों किलोमीटर कन्डक्टर चोरी के गोदामों में भरे पड़े थे। इन करोड़ों अरबों की सामग्री का खामियाजा प्रत्येक साल प्रदेश की जनता बिजली दर में बढ़ोत्तरी के रूप में झेलती है। जो अपने आप में काफी गम्भीर मामला है।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री के सामने पूर्व में एसटीएफ द्वारा एचसीएल बिलिंग पासवर्ड घोटाले का मामला उठाते हुए कहा कि अन्ततः उसमें भी बड़े पैमाने पर जिन पर कार्यवाही होनी चाहिए थी वह बच गये। उसकी भी पुनः उच्च स्तरीय जांच कराया जाना चाहिए।







