जम्मू 28 जून 2018। भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच गुरुवार से अमरनाथ यात्रा शुरू होने के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों ने हमले चेतावनी जारी की है। खूफिया सूत्र के अनुसार पाकिस्तान का लश्कर-ए-तैयबा ने पवित्र गुफा की तरफ जाने वाले रास्ते में पड़ने वाले पिस्सू टॉप और शेषनांग पर हमले की ताक में बैठा हुआ है। श्रद्धालुओं का पहला जत्था बहुस्तरीय सुरक्षा के बीच जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ था। रवाने हुए जत्थे में कुल 1904 श्रद्धालु हैं, जिनमें 1554 पुरुष,320 महिलाएं और 20 बच्चे शामिल हैं। सरकार ने सुरक्षा के इंतजाम काफी कड़े किए हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि इन क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा बंदोबस्त सख्त हैं। अमरनाथ यात्रा लगातार 60 दिन चलती है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकी संगठन सुरक्षा बलों या उनके ठिकानों पर हमला कर सकते हैं। पहलगाम, अनंतनाग और पुलवामा में सुरक्षा बलों के महत्वपूर्ण ठिकाने हैं। अधिकारी ने बताया कि आतंकी कठुआ जिले के हिरानगर और सांबा में स्थिति आर्मी कैंप पर भी हमले की फिराक में हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सैन्य बलों को खुफिया सूचना के बारे में जानकारी दे दी गई हैं, इन कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच हिज्बुल मुजाहिद्दीन के रियाज ने कथित तौर से एक ऑडियों टेप जारी कर कहा है कि तीर्थयात्री निशाने पर नहीं है। वे उनके मेहमान हैं। अपने ऑडियो टेप में हिजबुल कमांडर ने कहा है कि अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अपनी परंपराएं पूरी करने आते हैं,वह हमारे मेहमान हैं।जम्मू-कश्मीर में सेना के अभियान ऑपरेशन ऑल आऊट पर कहा कि सेना का ऑपरेशन ऑल आऊट सफल हैं फिर एनएसजी कमांडो लाने का क्या मकसद है।
बाते दे कि अमरनाथ यात्रा के लिये विद्युतचुंबकीय चिप, बाइक,बुलेटप्रूफ एसयूवी युक्त पुलिस काफिले और जगह-जगह बुलेटप्रूफ बंकर जैसे व्यापक सुरक्षा इंतजाम किये गए हैं। यात्रा मार्ग जम्मू से वाया पहलगाम और बालटाल पर सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के 40 हजार से ज्यादा सशस्त्र जवानों को बंख्तरबंद गाड़ियों के साथ तैनात किया गया है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन का भी इस बार काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर आतंकवादी किसी तरह की गड़बड़ी न कर पाएं, इसके लिये सेना की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है।
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