- संत कबीरदास जी ने इस भ्रम को तोड़ा था कि मगहर में मरने से नर्क मिलता है: योगी आदित्यनाथ
- 24 करोड़ रु0 की लागत से बनायी जाएगी संत कबीर अकादमी: प्रधानमंत्री
लखनऊ: 28 जून। प्रधानमंत्री ने आज मगहर, में संत कबीर अकादमी का शिलान्यास किया। यह अकादमी 24 करोड़ रुपए की लागत से 03 एकड़ क्षेत्रफल में बनायी जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत इसका विकास किया जाएगा और इसे अन्तर्राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित किया जाएगा। अकादमी में संत कबीर के जीवन और दर्शन पर शेाध, सर्वेक्षण, प्रकाशन और प्रदर्शन का कार्य होगा।

उन्होंने कहा कि संत कबीर के साहित्य, पाण्डुलिपि, ग्रन्थ आदि का संग्रह किया जाएगा तथा यहां ललित कला की सभी विधाओं का संचालन किया जाएगा। इसमें एक पुस्तकालय एवं संग्रहालय की स्थापना होगी साथ ही, आंचलिक भाषाओं एवं लोक विधाओं का विकास भी किया जाएगा। शिलान्यास के अवसर पर प्रधानमंत्री नेे एक माॅडल के माध्यम से प्रस्तावित अकादमी भवन के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर आयोजित जनसभा में अपने सम्बोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री ने भोजपुरी भाषा में सबको प्रणाम करके की। अपने सम्बोधन मंे संत कबीर के कई दोहों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे लोगों को जीवन के प्रति दृष्टिकोण एवं सही मार्ग दर्शन मिलता है।
उन्होंने कहा कि आज की तिथि संत कबीर के 620वेें प्रकटोत्सव तथा 500वें महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनायी जा रही है। आज पूर्णिमा है। आज से अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो रही है और यहां संत कबीर के 500वें परिनिर्वाण दिवस पर कबीर महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संत कबीर की साधना मानने से नहीं, जानने से होती है। संत कबीर मस्तमौला, फक्कड़, दिल के साफ और दिमाग के दुरुस्त थे। अंदर से कोमल ऊपर से कठोर थे। वे अपने कर्म से वन्दनीय थे। वे धूल से उठे और माथे का चंदन बन गये। वे शब्द से शब्दब्रह्म हो गये। कबीर विचार बनकर आए और व्यवहार बनकर अमर हो गये। वे सबके थे, इसलिए सब उनके हो गये। उन्होंने जीवनभर सामाजिक आडम्बर तथा कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी तथा लोगों में सामाजिक चेतना जगायी। वे श्रमजीवी थे, इसलिए उन्होंने हमेशा मेहनत को बढ़ावा दिया। हमारी सरकार भी गरीब, दलित, पीड़ित, शोषित एवं महिलाओं को सशक्त कर रही है।
उन्होंने कहा कि आवास योजना, उज्ज्वला योजना, सुरक्षा बीमा योजना, अनुदान का पैसा सीधे खाते में भेजना (डी.बी.टी.) तथा आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लोगों के जीवन में सुधार आया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत कबीरदास जी ने रूढ़ियों के विरुद्ध आवाज उठायी। बनारस से मगहर आकर उन्होंने इस भ्रम को तोड़ा था कि मगहर में मरने से नर्क मिलता है। प्रधानमंत्री जी ने देश की प्राचीन विरासत योग को विश्व में मान्यता दिलायी है। कबीर के दर्शन को वैश्विक स्वरूप प्रदान करने की पहल भी आज प्रधानमंत्री जी द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार राम, कृष्ण एवं बौद्ध सर्किट, प्रासाद तथा स्वदेश दर्शन योजनाओं के माध्यम से आध्यात्मिक महत्व के स्थानों का विकास कर रही है।
इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल, प्रदेश की पर्यटन मंत्री श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी, सांसद डाॅ महेन्द्र नाथ पाण्डेय, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव राजीव कुमार, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जन समुदाय उपस्थित था।






