जम्मू, 09 जुलाई 2018। जम्मू कश्मीर में गठबंधन टूटने के बाद से हालात और बिगड़ रहे हैं। कश्मीर घाटी में अलगाववादियों की ओर से जारी हड़ताल और प्रशासन द्वारा एहतियातन लगाई गई पाबंदियों के कारण रविवार को दूसरे दिन जनजीवन बेहाल रहा।
संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व जेआरएल में शामिल अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक ने लोगों से आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी की दूसरी बरसी और शनिवार को गुड़गांव में सुरक्षाबलों की कथित गोलीबारी से एक लड़की समेत तीन लोगों के मारे जाने के विरोध में रविवार को पूरी तरह से बंद रखने का आह्वान किया था। श्रीनगर जिले के पुराने इलाके खानयार. नौहट्टा, सफाकदल, एएमआरगंज रेवाड़ी थाना क्षेत्र में रविवार को दूसरे दिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाबंदिया जारी हैं।
कर्फ्यू की तरह पाबंदियां: श्रीनगर जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के शहर ए खास तथा पुराने शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी लागू की गई कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रविवार को दूसरे दिन भी जारी रही। यहां के पुराने शहर स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को ऐतिहातन आज लगातार तीसरे दिन भी बंद रखा गया। पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि किसी भी प्रदर्शन को रोकने के लिए पुराने शहर के नौहट्टा, सफाकदल, एएमआरगंज, रेवाड़ी थाना क्षेत्र में दंड प्रक्रिया संहिता धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं।






