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जानकारी के अभाव में अभियन्ताओं द्वारा 5 हार्स पावर से नीचे ट्यूबवेल का कनेक्शन किसानों को न देने के मामले पर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष व ऊर्जा मंत्री की अहम चर्चा
लखनऊ, 16 जुलाई 2018। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने आज ऊर्जा मंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया कि प्रदेश के अनेकों जनपदों में बिजली विभाग के अभियन्ता किसानों के ट्यूबवेल हेतु उन्हें 5 हार्सपावर से कम का कनेक्शन नहीं देते और उन्हें यह भी बोलते हैं कि ऐसा नियम नहीं है।
उन्होंने कहा कि जबकि उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाये गये कानून कास्ट डाटा बुक में स्पष्ट रूप से प्राविधान है कि न्यूनतम 1 हार्सपावर से लेकर अधिकतम अपनी आवश्यकतानुसार किसान किसी भी भार का ट्यूबवेल कनेक्शन ले सकता है। फिर नियमों के विपरीत छोटे किसानों को क्यों परेशान किया जा रहा है?
ग्रामीण इलाकों में बहुधा देखा गया है कि जिन किसानों के पास 1 बीघा या उससे अधिक खेत हैं और वह उसमें सब्जी भाजी पैदाकर अपनी जीविका चलाने के लिये 2 हार्सपावर, 3 हार्सपावर का ट्यूबवेल कनेक्शन लेना चाहते हैं लेकिन उन्हें अनावश्यक दौड़ाया जाता है। इस बात को लेकर भी पूरे प्रदेश में किसानों में रोष है।
प्रदेश के मा. ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने उसी क्षण उपभोक्ता परिषद के ज्ञापन पर अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को लिखित निर्देश दिया कि पूरे मामले पर अविलम्ब परीक्षण कर कार्यवाही करें। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि आयोग द्वारा बनायी गयी कास्ट डाटा बुक का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जायेगा। किसी भी स्तर पर किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि बिजली कम्पनियों में कार्यरत विद्युत अभियन्ता विद्युत अधिनियम 2003, विद्युत वितरण संहिता 2005, कास्ट डाटा बुक सहित आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश का सही तरीके से अध्ययन नहीं करते और इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। जब अभियन्ता को कानून की जानकारी नहीं होगी तो वह प्रदेश के उपभोक्ताओं को क्या लाभ देंगे? प्रदेश के ऊर्जा मंत्री जी द्वारा जिस प्रकार से उपभोक्ताओं की समस्याओं का अनवरत समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है और उन्हें न्याय दिलाया जा रहा है। इसी तर्ज पर यदि अभियन्ता भी पारदर्शी तरीके से कार्य करें तो निश्चित तौर पर एक स्वस्थ मानसिकता विभाग में पनपेगी, जिसका लाभ विभाग व उपभोक्ता दोनों को प्राप्त होगा।