- 100 करोड़ से ज्यादा के रखे गये हैं कन्सल्टेन्ट फिर भी यह हाल
लखनऊ, 20 जुलाई 2018: उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने आज शक्ति भवन में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से मिलकर कहा कि ख़राब रेटिंग मामले में जिस प्रकार से प्रदेश की बिजली कम्पनियां फिसड्डी साबित हुई हैं, ऐसे में उच्च प्रबन्धन के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए उनकी जवाबदेही तय की जाये।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियों में 100 करोड़ से ज्यादा के कन्सल्टेन्ट रखे गये हैं और अब जब रेटिंग का खुलासा हुआ है तो बिजली कम्पनियों की पोल खुल गयी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से विगत दिनों पावर कार्पोरेशन द्वारा नियामक आयोग से ऐतिहासिक बिजली वृद्धि ग्रामीण व किसानों की करायी गयी, उसके बावजूद भी सी ग्रेड की रेटिंग पाना यह सिद्ध करता है कि प्रदेश की बिजली कम्पनियों के उच्चाधिकारी मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं और इन सबका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा को यह आश्वासन दिया कि आज ही पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन के साथ एक बैठक कर कार्पोरेशन प्रबन्धन को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि सभी बिजली कम्पनियां एक कार्य योजना बनाकर पारदर्शिता के आधार पर कार्यवाही करते हुए अपने में व्यापक सुधार लायें। साथ ही ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 2 वर्षो के अन्दर सभी बिजली कम्पनियों को टाप 10 की रेटिंग में स्थान प्राप्त करना ही होगा। सभी उच्च प्रबन्धन की जवाबदेही तय होगी। किसी भी स्तर पर उदासीनता बरतने वालों के साथ सरकार सख्ती से पेश आयेगी। ऊर्जा मंत्री द्वारा सरकारी विभागों के बड़े बकाये की वसूली पर भी प्रभावी कार्य योजना बनाने की बात कही गयी।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा बिजली कम्पनियां यदि सही कार्य योजना बनाकर युद्ध स्तर पर कार्यवाही करें तो निश्चित तौर पर बिजली कम्पनियों में व्यापक सुधार हो सकता है। उप्र बिजली कम्पनियों के साथ देश के अन्य राज्यों की बिजली कम्पनियां जो बहुत पीछे थीं आज उनमें सुधार हुआ है, उसका मुख्य कारण वहां के कार्मिकों ने ईमानदारी से कार्य किया। ऐसे में अब समय आ गया है कि उप्र की बिजली कम्पनियों को भी सुधार की दिशा में व्यापक कदम उठाना होगा।







