उपभोक्ता परिषद ने किसानों की जीएसटी मुक्त पर मंत्री का व्यक्त किया आभार
लखनऊ, 28 जुलाई 2018: बिजली की अनेकों सेवाओं प्रोसेसिंग फीस, सिस्टम लोडिंग चार्ज, मीटर कास्ट, किसानों के निजी नलकूपों के कनेक्शन के स्टीमेट पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को समाप्त कराने के लिये 6 जून को उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा था और भारत सरकार से समाप्त कराने की मांग उठायी थी।
आज राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने शक्ति भवन में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से मुलाकात कर उन्हें किसानों के निजी नलकूप से जीएसटी पूरी तरह माफ कराने के लिए भारत सरकार से व्यापक पैरवी करने के लिये उनका आभार व्यक्त किया और साथ बिजली की अन्य सेवाओं पर भी लगने वाली 18 प्रतिशत जीएसटी से राहत दिलाने का मुद्दा उठाया। उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा मंत्री को अनेकों विधिक तथ्यों से अवगत कराते हुए कहा कि अन्य सेवाओं पर बिजली कम्पनियों द्वारा मनमाने तरीके से 18 प्रतिशत जीएसटी वसूली जा रही है, जोकि गलत है।
उपभोक्ता परिषद ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मांग पूरे देश के किसानों के हित है और साथ ही ऊर्जा मंत्री जी द्वारा बिजली की अन्य सेवाओं पर 18 प्रतिशत वसूल की जा रही जीएसटी से राहत दिलाने का आश्वासन दिया गया और कहा गया कि सरकार हमेशा उपभोक्ताओं के हित में खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता परिषद के उपभोक्ताओं के व्यापक हित वाले हर मुद्दे पर हमेशा होगा विचार।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के मा. ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा की इस पहल से पूरे देश के सभी राज्यों के करोड़ों किसानों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा, जिसके लिये ऊर्जा मंत्री जी बधाई के पात्र हैं और उनकी व्यापक पैरवी से आज पूरे देश के किसानों में खुशी की लहर है, नहीं तो जीएसटी के नाम पर 18 हजार रूपये से लेकर स्टीमेट के अनुपात में हजारों रूपया जीएसटी के रूप में पूरे देश के किसान अदा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता परिषद ने इस मुद्दे पर देश के अन्य राज्यों के नियामक आयोगों व उपभोक्ता नेताओं से भी सम्पर्क किया था लेकिन कोई सार्थक सहयोग नहीं मिल पाया लेकिन प्रदेश के ऊर्जा मंत्री जी द्वारा व्यापक पैरवी कर किसानों को जो राहत दिलायी गयी वह सराहनीय है।







