लखनऊ, 29 जुलाई 2018: अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी लखनऊ में दो दिन विकास का सपना बेचने का विफल प्रयास करते नज़र आए हैं। वे शिलान्यासों से अपनी खोई लोकप्रियता और विश्वसनीयता को बचाना चाहते है। भाजपा सरकार की तमाम योजनाओं की घोषणाएं हवाई हैं क्योंकि अभी तक उनका काम जमींन पर कहीं दिखाई नहीं दिया है। किसान परेशान है, नौजवान बेरोजगारी से त्रस्त है, जनसामान्य मंहगाई की मार झेल रहा है और महिलाएं तथा बच्चियां तक दुष्कर्म की शिकार हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री जी की तमाम घोषणाएं और उनका प्रायोजित भव्य स्वागत मुख्यमंत्री इसलिए करा रहे हैं क्योंकि वे समाजवादी सरकार की योजनाओं के मुकाबले की एक भी योजना अब तक लागू नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने कहा कि छह माह से निवेश का बड़ा ढिंढोरा पीटा जा रहा है, पर यह भी सच्चाई है कि जिस राज्य में कानून-व्यवस्था का संकट होगा वहां विकास की योजनाएं कैसे सफल हो सकेंगी। उनके भाषणों में समाजवादी पार्टी पर इसलिए हमले होते हैं क्योंकि भाजपा की नफरत और समाज को तोड़ने वाली सांप्रदायिक रीतिनीति का वही मुकाबला करने में सक्षम है।







