संघर्ष समिति ने कहा दोषियों को चिन्हित कर उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा हो दर्ज
लखनऊ, 10 अगस्त 2018: राज्य सभा से एससी/एसटी बिल पास होने के तुरन्त बाद देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर सैकड़ों की संख्या में असामाजिक तत्वों द्वारा बाबा साहब द्वारा रचित भारतीय संविधान की प्रति जलाने एवं संविधान निर्माता बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर व आरक्षण के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाये गये, घटना के पूरे सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे देश में बाबा साहब के अनुयायियों में गुस्सा व्याप्त हो गया।
इस बीच आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति, उप्र ने आपात बैठक बुलायी और दोषियों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की गयी और साथ ही यह भी कहा कि कल आरक्षण समर्थक कार्मिक बाबा साहब डा भीमराव अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन प्रतीक स्थल, गोमती नगर में सुबह 6ः30 बजे बाबा साहब को नमन करते हुए सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही कराने के लिये कसम खायेंगे और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती तब तक आरक्षण समर्थक चुप नहीं बैठेंगे।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने दिल्ली सरकार के एससी/एसटी व सोशल वेलफेयर मंत्री श्री राजेन्द्र पाल गौतम से फोन पर बात कर दोषियों को कठोर सजा दिलाने के लिये केजरीवाल सरकार से मांग भी की है।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति,उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, डा. रामशब्द जैसवारा अनिल कुमार, अजय कुमार, श्याम लाल, अन्जनी कुमार, पीएम प्रभाकर, राकेश पुष्कर, लेखराम, दिनेश कुमार, रीना रजक, अनीता, अंजली गौतम, अजय चैधरी, अशोक सोनकर, प्रेमचन्द्र, पूनम धूसिया, जितेन्द्र कुमार, राजेश पासवान, श्री निवास राव, जय प्रकाश गौतम, अरविन्द कुमार, अमित कुमार, सुनील कनौजिया ने कहा कि जिस प्रकार से असामाजिक तत्वों द्वारा बाबा साहब व संविधान का अपमान किया गया है। अविलम्ब केन्द्र की मोदी सरकार को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियों फुटेज के आधार पर सभी दोषियों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा लगाकर जेल भेजना चाहिए। इस घटना क्रम से पूरे देश के करोड़ों अरबों की संख्या में बाबा साहब के अनुयायियों को काफी धक्का लगा है। यह कृत्य आजाद भारत की सबसे शर्मनाक घटना का प्रतीक है जो इतिहास में काले पन्ने में लिखा जायेगा।







