जूनागढ़, 24 अगस्त 2018: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने के अपने सरकार के लक्ष्य को असंभव बताने वाले कथित अर्थशास्त्रियों को निराशावादी करार दिया। श्री मोदी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी इंडेक्स रखा है, पर बड़े-बड़े कथित अर्थशास्त्री कहते हैं कि ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने कहा निराशा में डूबे यह लोग न तो यह सुनते हैं कि हम क्या कर रहे हैं और यह न समझना चाहते हैं कि हम क्या कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि देश के किसानों में अपने पसीने के दम पर बंजर भूमि में सोने जैसी फसलें उगाने का दम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन जैसी कृषि सहायक काम को प्रोत्साहन देने से मौत एक साल में शहद का निर्यात दुगना हो गया है और यह अतिरिक्त आय किसानों की ही हुई है।
किसान सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से लागत घटाने में जुटे हैं उनकी सरकार ने लंबे समय से फाइलों में लटकी लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना को अमली जामा पहनाया है। श्री मोदी ने कहा किसानों को वर्षा के निर्भरता से बचाने के लिए व्यापक सिंचाई व्यवस्था की जरूरत है और उनकी सरकार ने पिछले 30 – 40 साल से लटकी एक लाख करोड़ की लागत वाली 99 सिंचाई योजनाओं को ढूंढा है और इसे पूरा किया जाएगा।







