- आरोप प्रत्यारोप की बौछार: ने कहा: शहरी माओवादियों का समर्थन करती है कांग्रेस
- राहुल ने कहा: महज 6 सौ करोड़ का जहाज 16 सौ करोड़ में ख़रीदा, बताया भ्रस्टाचार की हद
- सरकार बनने पर 10 दिन में होगा किसानों का कर्ज माफ : राहुल
नई दिल्ली, 10 नवंबर 2018: छत्तीसगढ़ में चुनावी जंग तेज हो गयी है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वह शहरी माओवादियों का समर्थन करती है जिन्होंने गरीब आदिवासी युवाओं का जीवन बर्बाद कर दिया है।
उधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि महज 6 सौ करोड़ का जहाज 16 सौ करोड़ में ख़रीदा गया प्रधानमंत्री बताये क्यों, उन्होंने कहा कि यह तो भ्रस्टाचार की हद है उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनते ही किसानों का 10 दिन में कर्ज माफ होगा।
बता दें कि इस महीने के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने यह भी कहा कि वह तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक वह समृद्ध छत्तीसगढ़ के लिए दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को पूरा नहीं कर देते।

मोदी ने माओवाद का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नीत सरकार ने नक्सल प्रभावित बस्तर के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। उन्होंने कहा, जो शहरी माओवादी हैं, वे शहरों में वातानुकूलित घरों में रहते हैं, वे साफ सुथरे रहते हैं और उनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं, वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रिमोट कंट्रोल से आदिवासी बच्चों का जीवन तबाह कर रहे हैं।
मोदी ने कहा, मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि जब सरकार कार्रवाई करती है तो वह शहरी नक्सलियों का समर्थन क्यों करती है। प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद को ‘‘राक्षसी मनोवृत्ति’ करार दिया और कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने बस्तर क्षेत्र के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया।
प्रधानमंत्री बताएं कि नोटबंदी के क्या फायदा हुए: गहलोत
अशोक गहलोत ने मीडिया पर्सन के माध्यम से प्रधानमंत्री से पूंछा: ‘प्रधानमंत्री ने 50 दिन मांगे थे और कहा था कि आतंकवाद एवं नक्सलवाद खत्म हो जाएगा तथा कालाधन खत्म हो जाएगा। अब हम प्रधानमंत्री से पूछ रहे हैं कि वह बताएं कि नोटबंदी के क्या फायदा हुए।
उन्होंने कहा, ‘आरबीआई ने नोटबंदी के समय इसका विरोध किया था, लेकिन मोदी जी नहीं माने और नोटबंदी की घोषणा कर दी। प्रधानमंत्री तुगलकी फरमान जारी करके देश चलाना चाहते हैं। वित्त मंत्री भी पूरी तरह विफल हैं और प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए बयान देते रहते हैं। ’गहलोत ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री श्वेत पत्र जारी करें। वह बताएं कि क्या फायदे हुए और क्या बर्बादी हुई। वह पूरे देशवासियों से माफी मांगे कि उनसे गलती हो गई।’







