लखनऊ, 28 नवंबर 2018: आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति उप्र के तत्वाधान में आज पूरे प्रदेश में आरक्षण समर्थकों ने राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबाराव फुले के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किया। संघर्ष समिति संयोजक मण्डल द्वारा महात्मा ज्योतिबाराव फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बताये हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
आरक्षण समर्थकों ने कहा कि जिस प्रकार से ज्योतिबाराव जी ने महिलाओं को शिक्षा का अधिकार देने के लिये अपना अहम योगदान दिया। आज उसी का नतीजा है कि पूरा देश शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है, जिसमें महिलाओं की भूमिका काफी अग्रणी है। ज्योतिबाराव जी ने महिलाओं की दशा सुधारने और शिक्षा के लिये 1848 में स्कूल खोला, जो इस काम के लिये देश का पहला विद्यालय था।
इस अवसर पर संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमार, अन्जनी कुमार, लेखराम, प्रेमलता, प्रेम चन्द्र, अशोक सोनकर, दिनेश कुमार, अजय चौधरी, राम नरायन, राजेश पासवान, सुनील कनौजिया उपस्थित रहें।
ज्योतिबा फुले ने वंचित समाज में जलाई ज्ञान की ज्योति: हारूण रसीद
फुले के सपनों के अनुसार जन -जन तक शिक्षा पहुंचा रही है बिहार सरकार : शिक्षा मंत्री
पटना, 28 नवंबर 2018: भारतीय नवजागरण के अग्रदूत ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर विधान पार्षद रामेश्वर महतो द्वारा पटना में जदयू कार्यालय स्थित अपने आवा पर आयोजित पुष्पांजलि समारोह में विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रसीद, प्रदेश के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, पूर्व विधायक श्याम रजक, विधायक रवि ज्योति, सत्यदेव सिंह, विधान पार्षद सीपी सिन्हा, रीना यादव, डॉ उपेंद्र प्रसाद, सुनील सिंह, शिव प्रसन्न यादव, वीरेंद्र यादव, तनवीर अख्तर समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रसीद ने कहा कि ज्योतिबा फुले सही मायने में भारतीय नवजागरण के अगदूत थे। उन्होंने सदियों से वंचित समाज में शिक्षा की ज्योति जलाई।

इस अवसर पर बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार फुले के सपनों के अनुसार शिक्षा को जन – जन तक पहुंचाने में लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच है कि बिहार का हर नागरिक शिक्षित हो और इसके लिए सरकार कई स्तर पर प्रयासरत है, जिसे सफलता भी मिली। वहीं, इस पुष्पांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए विधान परिषद सदस्य रामेश्वर महतो ने कहा कि शिक्षा मुक्ति का द्वार है। इसलिए समाज के हर तबके के लोगों के साक्षर होने से समाज का कल्याण होगा।







