लखनऊ, 02 दिसम्बर 2018: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान अब भाजपा के लिए गले कि हड्डी बन गया है। बता दें कि हनुमान जी पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए बयान के बाद अब मंदिर पर अधिकार को लेकर नई जंग छिड़ गयी है। लखनऊ में दलित उत्थान सेवा समिति के बैनर तले दलित सेवा समुदाय के लोग हजरतगंज के ‘दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर’ पर कब्जा करने पहुंच गये। मंदिर में आये दलित समुदाय के लोगों का कहना था कि जब मुख्यमंत्री योगी जी स्वीकार कर चुके हैं कि हनुमान जी दलित थे।
उन्होंने कहा कि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने मीडिया के माध्यम से आम सभाओं में यह बयान दिया कि हनुमान जी दलित समाज के हैं। अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति आयोग के चेयरमैन ने कहा कि दलित समाज में ही वानर गोत्र होता है, तो मंदिर का प्रबंधन व पूजा-पाठ का काम भी हम दलित समाज के लोगों को ही दिया जाए।
वही दलित समुदाय के लोगों ने मंदिर में दलित पुजारी की भी नियुक्ति की मांग की है। सीएम योगी के बयान के बाद अब मंदिर पर दलित अपना अधिकार चाहते हैं। इसी कड़ी में दलित उत्थान सेवा समिति के बैनर तले दलितों का समूह उत्तर प्रदेश लखनऊ के हजरतगंज चौराहे के ठीक बगल में दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर पर कब्जा करने पहुंच गये। यहां पहुंचे समुदाय के लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और बाद में सांकेतिक रूप से मंदिर पर कब्जा करने का प्रयास किया। हालाँकि यह सब कुछ पूरी तरह से शांतिपूर्वक था। इसमें किसी भी तरह का कोई शोर शराबा यह हो हल्ला नहीं था, फिर मंदिर के पुजारी और दलित समुदाय के लोगों में कोई विवाद नहीं हुआ।
बता दें कि राजस्थान में चुनाव प्रचार के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान बजरंगबली जी को दलित समुदाय का होने का कथित आरोप लगाया था। सीएम योगी के कथित बयान के बाद भगवान बजरंगबली भी राजनीति का केंद्र बन गए और इस मुद्दे पर सियासत फिलहाल जारी है।







