- बोलें: घटिया क्वालिटी वाली मीटर कम्पनियों के खिलाफ उठाया जायेगा कठोर कदम, और होगी उच्चस्तरीय जाँच
- केस्को ने घटिया क्वालिटी के चलते मेसर्स एवन मीटर निर्माता कम्पनी को किया ब्लैक लिस्ट
- उपभोक्ता परिषद ने उठायी माँग, सभी मीटर खरीद व घटिया क्वालिटी मीटरों की करायी जाये उच्चस्तरीय जाँच, उसके बाद ही उपभोक्ता के परिसर पर लगे मीटर
लखनऊ, 19 फरवरी 2019: पूरे प्रदेश में मनमाने तरीके से खरीदे जा रहे मीटरों को लेकर जहाँ विगत दिनों विधान सभा में पेश की गई सीएजी रिपोर्ट में इस बात की आपत्ति उठायी गयी थी कि चलते हुए मीटर उपभोक्ताओं के परिसर पर बार-बार बदलने से करोड़ों की क्षति हुई वहीं आज उस समय मामले में नया मोड़ आ गया, जब राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने शक्ति भवन में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा और घटिया मीटर निर्माता कम्पनियों के अनेकों साक्ष्य उनके सामने पेश किए।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री के सामने केस्को, कानपुर कम्पनी में विगत् सप्ताह 2 मीटर निर्माता कम्पनियों मेसर्स एवन व मेसर्स जीनस के खिलाफ उठाये गये कठोर कदम की चर्चा कर साक्ष्य पेश करते हुए कहा कि केस्को कम्पनी द्वारा एवन मीटर की घटिया गुणवत्ता के चलते उसे 3 साल के लिए जहाँ उसे ब्लैकलिस्ट किया गया है वहीं मेसर्स जीनस कम्पनी के मीटर जो विगत् वर्ष में एक टेण्डर में 6800 सप्लाई किये गये थे, उसमें से गारंटी अवधि में 1629 मीटर क्षतिग्रस्त हो गये, जो गारंटी अवधि में क्षतिग्रस्तता का लगभग 24 प्रतिशत है, जिसके चलते केस्को ने जीनस की बैंक गारंटी लगभग 47 लाख जब्त कर ली। यह वही मीटर निर्माता कम्पनी है जिसके स्मार्ट मीटर पूरे प्रदेश में लग रहे हैं। केस्को ने अपने आर्डर में यह भी लिखा है कि इसके चलते बार-बार मीटर बदलने से केस्को के उपभोक्ताओं को काफी परेशानियाँ उठानी पड़ी हैं और केस्को की छवि धूमिल हुई है।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री से यह मांग रखी, चूँकि मेसर्स जीनस कम्पनी के ही मीटर राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर के रूप में लग रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में जब तक मीटर खरीद व घटिया गुणवत्ता की उच्च स्तरीय जाँच न करा ली जाये, उपभोक्ताओं के परिसर पर ऐसे मीटर न लगाये जायें। उपभोक्ता परिषद ने यह भी मुद्दा उठाया कि पिछले 10 वर्षों के दौरान अनेकों मीटर निर्माता कम्पनियों जिनमें यह सब भी शामिल थे, के खिलाफ बिजली कम्पनियों के प्रबन्धन द्वारा जाँच की बात की गयी लेकिन मामले को दबा दिया गया। नियामक आयोग द्वारा गठित क्वालिटी कन्ट्रोल कमेटी ने भी अनेकों बार सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए लेकिन बिजली कम्पनियाँ इस प्रकरण में उदासीनता बरतती रहीं और जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता भुगतती रही।
ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद द्वारा सौंपे गये ज्ञापन व साक्ष्यों को देखकर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि यह मामला काफी गंभीर है। घटिया गुणवत्ता वाली मीटर कम्पनियों के खिलाफ कठोर कदम उठाया जायेगा और घटिया कम्पनियों की उच्चस्तरीय जाँच करायी जायेगी।







