- व्यायाम व्यस्त दिनचर्या से पैदा होने वाली थकान से निपटने में भी लोगों की मदद कर सकता है
एक शोध में पता चला कि सुबह सात या दिन में एक से चार बजे के बीच व्यायाम बॉडी क्लॉक को थोड़ा पहले कर देता है जबकि शाम सात से रात दस बजे के बीच व्यायाम बॉडी क्लॉक को आगे बढ़ा देता है, दरअसल
इंसानी शरीर एक जैविक घड़ी के हिसाब से चलता है। हमारे मिज़ाज, हॉर्मोन के स्तर, शरीर के तापमान और पाचन क्रिया में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है। एक्सपर्ट का मानना है कि सुबह दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि हमारा शरीर हर नए दिन की शुरु आत के लिए खुद को तेजी से तैयार कर रहा होता है। बेशक में बॉडी क्लॉक हमारे शरीर को नियंत्रित करती है और इसमें किसी भी तरह का बदलाव आने पर हमारे शरीर पर बहुत गहरा असर डालता है। किसी दूसरे देश जाने पर टाइम जोन बदलते ही जेट लैग से होने वाली परेशानी भी इसका ही उदाहरण है।

नए टाइम जोन में जाने पर शरीर खुद को सेट करने के लिए वक्त लेता है और लोग जेट लैग का अनुभव करते हैं। अलग-अलग मामलों में इसकी परिभाषा अलग दी गई है। सीधे तौर पर समझने की कोशिश करें तो हमारे शरीर की मांसपेशियां दिन के समय को समझने की कोशिश करती हैं। शरीर के हर हिस्से में एक बायोलॉजिकल क्लॉक चल रही होती है। इसी घड़ी के हिसाब से हार्मोन्स हमारी बॉडी में बनते रहते हैं। इसमें पीरिड्स आने से लेकर, समय पर नींद आना, टॉयलेट जाना, लंच टाइम तक एक्टिव रहना, लंच के बाद खाना पचना, दिन के सबसे बिजी शेड्यूल में एक्टिव रहना, जिस तरह के ट्रैवल की आदत हो वो पूरा करना सब कुछ शामिल है।
अलग-अलग शिफ्ट में काम करने, जेट लैग और बॉडी क्लॉक को बाधित करने वाले अन्य प्रकार के दुष्प्रभावों को कम करने में व्यायाम अहम भूमिका निभा सकता है। व्यायाम व्यस्त दिनर्चया से पैदा होने वाली थकान से निपटने में भी लोगों की मदद कर सकता है। जेट लैग अलग-अलग समय जोन में यात्रा करने पर व्यक्ति की नींद में आने वाली दिक्कत को कहते हैं।

अमेरिका के कैलीफोर्निया विविद्यालय, सैन डिएगो एवं एरिजोना विविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस विषय पर अध्ययन के लिए करीब पांच दिन तक 101 प्रतिभागियों में व्यायाम के बाद शरीर की गतिविधियों का परीक्षण किया। ‘‘द जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी’ में प्रकाशित अध्ययन में पता चला कि सुबह सात बजे या दिन में एक से चार बजे के बीच व्यायाम बॉडी क्लॉक को थोड़ा पहले कर देता है जबकि शाम सात बजे से रात दस बजे के बीच व्यायाम बॉडी क्लॉक को आगे बढ़ा देता है।
एरिजोना विविद्यालय के शॉन यंगस्टेट ने कहा कि बॉडी क्लॉक पर व्यायाम के प्रभाव की तुलना करने वाला यह पहला अध्ययन है और यह अध्ययन जेट लैग और अलग-अलग पाली में काम करने के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद हेतु व्यायाम के इस्तेमाल की संभावना बता सकता है।







