परजीवी कीड़े-मकोड़ों से बचाने के लिए बाज ने खुद खोज लिया प्राकृतिक समाधान – तंबाकू की पत्तियाँ!
क्या आप जानते हैं कि बाज पक्षी (हॉक) अपने घोंसले में तंबाकू की सूखी पत्तियाँ क्यों लाकर रखता है? यह कोई संयोग नहीं, बल्कि प्रकृति की अद्भुत बुद्धिमत्ता का कमाल है!
बाज का घोंसला ऊँचे पेड़ों या चट्टानों पर होता है। वहाँ चूजे पैदा होते हैं। लेकिन घोंसले में नमी और गर्मी के कारण बहुत सारे परजीवी कीड़े-मकोड़े, जूँ और माइट्स पनपने लगते हैं। ये छोटे-छोटे जीव चूजों के खून चूसते हैं, उन्हें कमजोर करते हैं और कई बार जान भी ले लेते हैं।
बाज इस खतरे को भाँप लेता है। इसलिए वह जंगल में तंबाकू की पत्तियाँ चुनकर लाता है और उन्हें घोंसले में बिछा देता है। तंबाकू में मौजूद निकोटिन और अन्य प्राकृतिक रसायन इन कीड़ों के लिए घातक होते हैं। ये पत्तियाँ घोंसले में कीटों को दूर भगाती हैं, चूजों को सुरक्षित रखती हैं और घोंसले को साफ-सुथरा बनाए रखती हैं।

प्रकृति ने बाज को 8 गुना तेज़ नज़र दी है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी खूबी उसकी समझ है कि वह बिना किसी प्रयोगशाला के वह “प्राकृतिक कीटनाशक” इस्तेमाल कर रहा है!
यह व्यवहार कई रैप्टर पक्षियों में देखा गया है, लेकिन बाज का तंबाकू वाला तरीका सबसे अनोखा और प्रभावी माना जाता है।प्रकृति सचमुच अद्भुत है। एक छोटा-सा पक्षी भी इतनी चतुराई से अपने बच्चों की रक्षा करता है, जबकि हम इंसान अभी भी केमिकल स्प्रे पर निर्भर हैं।
ख़ास बातें बाज पक्षी के बारे : सुपर विजन पावर
बाज की आँखों की रोशनी इंसान से 8 गुना तेज होती है। वे हवा में उड़ते हुए ज़मीन पर 100 फीट (लगभग 10 मंजिला इमारत) ऊपर से भी चूहे या छोटे जानवर को साफ देख सकते हैं।
- तेज़ डाइविंग स्पीड
शिकार करते समय बाज 120 मील प्रति घंटा (लगभग 193 किमी/घंटा) की रफ्तार से नीचे झपट्टा मार सकता है। - तंबाकू का चालाक इस्तेमाल
बाज अपने घोंसले में तंबाकू की सूखी पत्तियाँ लाकर बिछाता है। इनमें मौजूद निकोटिन परजीवी कीड़ों (जैसे जूँ और माइट्स) को मारता या भगाता है, जिससे उसके चूजे सुरक्षित रहते हैं। प्रकृति का अपना इंसेक्टिसाइड! - महिलाएँ ज्यादा ताकतवर
मादा बाज नर से 25% भारी होती हैं। शिकार और घोंसले की रक्षा में वे अक्सर ज्यादा आक्रामक होती हैं।
लंबी उम्र
जंगलों में बाज औसतन 17-20 साल तक जीते हैं, लेकिन बंदी हालत में वे 30 साल या उससे ज्यादा भी जी सकते हैं।- स्मार्ट शिकारी
बाज बहुत बुद्धिमान होते हैं। वे कभी-कभी पत्थर या छड़ी का इस्तेमाल करके कीड़ों को पकड़ते हैं। वे थर्मल करंट (गर्म हवा) का फायदा उठाकर बिना पंख फड़फड़ाए लंबी दूरी तक उड़ सकते हैं। - आवाज का जादू
रेड-टेल्ड बाज की तेज़ और भयावह चीख हॉलीवुड फिल्मों में अक्सर ईगल या दूसरे शिकारी पक्षियों की आवाज के रूप में इस्तेमाल की जाती है। - वफादार जोड़ी
कई प्रजातियों के बाज जीवन भर के लिए जोड़ी बनाते हैं और हर साल एक ही घोंसले को इस्तेमाल करते हैं, जो साल-दर-साल बड़ा होता जाता है।
बाज प्रकृति का सच्चा सुपरहीरो है – तेज़ नज़र, अद्भुत उड़ान और स्मार्ट व्यवहार के साथ!
तो अगली बार जब आप आसमान में बाज को उड़ते देखें, तो याद रखिए कि वह सिर्फ शिकार नहीं करता, वह एक स्मार्ट पेरेंट भी है जो अपने घोंसले को प्राकृतिक सुरक्षा कवच से ढक देता है! – प्रस्तुति : नीतू सिंह







