डॉ दिलीप अग्निहोत्री
राजव्यवस्था की उतपत्ति के साथ ही कर प्रणाली भी अस्त्तिव में आ गई थी। वित्त को शासन व्यवस्था के संचालन का मूल आधार माना गया। इसी के बल पर शासन संबन्धी कार्य संचालित होते है। लोक कल्याणकारी व्यवस्था में शासन के कार्य अधिक व्यापक होते है। इसी के अनुरूप अधिक धन की आवश्यकता होती है। राजकोष के लिए व्यवस्थित और सुनिश्चित कर प्रणाली का प्रादुर्भाव इसी से हुआ। कर व्यवस्था पर पिछले दिनों लखनऊ में विशेषज्ञों की एक संगोष्ठी हुई। जिसमें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने दी चैम्बर आफ टैक्स कंसल्टेंट्स द्वारा आयोजित रेजिडेंशियल रेफ्रेशर कोर्स का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सीटीसी के अध्यक्ष हिनेश दोशी, रेजिडेंशियल रेफ्रेशर कोर्स के अध्यक्ष भावेश जोशी, सीटीसी के पूर्व अध्यक्ष किशोर वंजारा सहित विभिन्न प्रदेशों से आये प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।राज्यपाल ने कहा कि टैक्स कंसल्टेंट्स एक तरह से कर देने वालों को कर देने के लिए प्रोत्साहित करने वाला संगठन है। इसलिए उसे करदाताओं का सही मार्ग दर्शन करना चाहिए। टैक्स या कर वास्तव में सरकार, समाज और विकास के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी है। सरकार जो भी धन कर के रूप में संग्रह करती है, उससे जनता को अधिक सुविधा देने का काम करती है। टैक्स समाज पर बोझ नहीं बल्कि देश के विकास में अंशदान है। महात्मा गांधी चाहते थे कि अभाव से ग्रस्त लोगों के लिए स्वराज का मार्ग प्रशस्त हो। ऐसे में करदाताओं द्वारा दिया गया धन गरीबों के विकास के लिए कैसे पहुंचे, विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि रेफ्रेशर कोर्स से सदस्यों को सामयिक और अद्यतन जानकारी मिलेगी तथा चार दिवसीय आयोजन में विभिन्न प्रकार के नये विषयों पर चर्चा होगी।
राम नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश बदल रहा है। विश्व में जनसंख्या की दृष्टि से केवल तीन देश अमेरिका, चीन और इण्डोनेशिया ही उत्तर प्रदेश से बड़े हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था और ऊर्जा उपलब्धता में सुधार हुआ है। जिसका प्रमाण है कि गत वर्ष आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में सवा चार लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए तथा करीब डेढ़ हजार एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। चार सौ वर्ष के बाद इस साल कुम्भ इलाहाबाद में नहीं बल्कि पौराणिक नाम प्रदान करके प्रयागराज में किया जा रहा है। कुम्भ में करीब पच्चीस करोड़ श्रद्धालु सहभाग कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कुम्भ की उच्च कोटि की व्यवस्था के लिये सभी आने वालों ने प्रशंसा की है। इस वर्ष के केन्द्रीय बजट में दो योजनाएं ऐसी हैं, जो देश में परिवर्तन लाने वाली योजनाएं हैं। ‘आयुष्मान भारत’ के माध्यम से गरीबों के निःशुल्क इलाज के लिए पांच लाख रूपये की व्यवस्था की गयी है तथा छोटे जोत के किसानों के लिए किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से छह हजार रूपये वार्षिक को दिया जाना है। जिसमें से उनके बैंक खाते में दो हजार रूपये की प्रथम किस्त जमा कराई गई है। इस योजना से उत्तर प्रदेश के बारह करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में सी टी सी के अध्यक्ष श्री हिनेश दोशी और आर आर सी एण्ड एस डी समिति के अध्यक्ष श्री भावेश जोशी ने भी अपने विचार रखे।






