डॉ दिलीप अग्निहोत्री
प्रधानमंत्री का काशी में रोड शो और उसके एक दिन बाद नामांकन आकर्षण का विषय रहा। दोनों अवसरों के माध्यम से मोदी ने दो बड़े सन्देश दिए है। रोड शो में उमड़े जन सैलाब से उन्होंने यह दिखाया कि आमजन के लगाव उनके साथ है। यह प्रबंधन के द्वारा जुटाई गई भीड़ नहीं थी, बल्कि स्वतः स्फूर्त जन उत्साह था। यह बात लोगों की उमंग से प्रमाणित थी।दूसरे दिन नरेंद्र मोदी ने नामांकन के माध्यम से राजग की एकजुटता का सन्देश दिया। यह सही है कि भाजपा पिछली बार भी अपनी दम पर सरकार बना सकती थी। लेकिन उसने गठबन्धन धर्म का पालन किया। अपने सहयोगी दलों को उचित सम्मान दिया। मोदीं के नामांकन में राजग घटकों के नेताओं ने काशी पहुंच कर उसी विश्वास का प्रदर्शन किया। नामांकन में अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, योगी आदित्यनाथ जैसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं के अलावा शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल, बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार, लोजपा नेता रामविलास पासवान और अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल भी वाराणसी पहुंचे थे। दूसरी ओर यूपीए है।
पहले तो कई पार्टियों ने कांग्रेस के साथ चलने से इनकार कर दिया, जहां गठबन्धन हुआ वहां भी खींच तान और अविश्वास का आलम है। इसके अलावा पहले दिन नरेंद्र मोदी काशी की जनता से मुखातिब थे, दूसरे दिन उन्होंने ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इसमें भी मोदी ने आस्था के अनुरूप उदाहरण दिया। कहा कि जैसे श्रीकृष्ण ने गोवर्धन उठाया था, आपके प्रयत्न से हमें इक्कीसवीं सदी में भारत माँ को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। एक संकल्प भी दिया। कहा कि मैं चाहता हूं कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मतदान पांच प्रतिशत ज़्यादा होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काशी से लगाव पहले के मुकाबले ज्यादा व्यापक हुआ है। यह तथ्य उनके रोड शो से प्रमाणित हुआ। इस रोड शो के माध्यम से मोदी ने बड़ी लकीर खींच दी है। उनका यहाँ जो करिश्मा दिखाई दिया, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पिछले कुछ दिनों से प्रियंका गांधी को यहां से मोदी के खिलाफ लड़ने की अटकलें लगती रही है। लेकिन इसके बाद शायद यह अटकलें धीमी पड़ जाएगी। यह अनुमान है कि काशी की जनता का मोदी पर विश्वास कायम है।
उनका रोड शो लंका स्थित महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ प्रारंभ हुआ। करीब दस किलोमीटर की यात्रा मोदी ने जनसैलाब के साथ की। दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के साथ इसका समापन हुआ। इस रोड शो में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की एकता का भी प्रदर्शन हुआ। इसमें देश के अनेक नेता शामिल हुए। पूरे देश का ध्यान इस रोड शो की ओर था।
तमिलनाडु में भाजपा ने का अन्ना द्रमुक पार्टी से समझौता हुआ। बिहार में भाजपा और जेडीयू यू ने साबित किया कि उनका गठबन्धन स्वभाविक है। ऐसा ही स्वभाविक गठबन्धन पंजाब में भाजपा अकाली दल, और महाराष्ट्र में भाजपा शिवसेना का है। बिहार में भाजपा ने लोक जनशक्ति पार्टी को भी पूरा सम्मान दिया। यहां भाजपा ने पिछले आम चुनाव में जीती कुछ सीटें भी जदयू और लोक जनशक्ति पार्टी को दी है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने अपना दल को जोड़े रखा। उंसकी अध्य्क्ष अनुप्रिया पटेल नामांकन के अवसर पर काशी में मौजूद थीं। इस तरह भाजपा ने बड़प्पन दिखाया। दूसरी ओर बिहार में राजद कांग्रेस और दिल्ली में कांग्रेस व आम आदमी पार्टी एक दूसरे के अपमान का कोई मौका हाँथ से जाने नहीं देते। नरेन्द्र मोदी ने काशी में महिलाओं के प्रति विशेष रूप से सम्मान दिया।
उन्होंने कहा कि मोदी का कोई ध्यान रखता है तो इस देश की करोड़ों माताएं। वे शक्ति बनकर मेरा सुरक्षा कवच बनती हैं। उन्होंने इस चुनाव के दो पहलू बताए। एक है काशी लोकसभा जीतना, यह कार्य रोड शो से पूरा हो गया है। एक काम अभी बाकी है वो है पोलिंग बूथ जीतना और एक भी पोलिंग बूथ पर भाजपा का झंडा झुकने नहीं देना है। एक एक वोट बहुत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने अपनी स्थिति साफगोई से बयान की।
कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता के नाते बनारस वालों की कठिनाई बहुत है। क्योंकि और जगह तो सबका उम्मीदवार साथ चलकर प्रचार करता है लेकिन आप इतने कम नसीब हैं कि आपका उम्मीदवार तो पर्चा भरकर ही यहां से चला जायेगा। मोदी के यह कहने का निहितार्थ यह भी है कि नरेंद्र आदि का भाजपा कार्यकर्ताओं और काशी के लोगों पर पूरा विश्वास है। उनपर पूरे देश की जिम्मेदारी है।
काशी के लोग इस स्थिति को समझते है। मोदी ने अपने को भी छोटा कार्यकर्ता बताया, जो किसी बड़े घर से नहीं आया है। मेरे भीतर के कार्यकर्ता को मैंने कभी मरने नहीं दिया। प्रधानमंत्री के रूप में मैं जो जिम्मेदारी निभा रहा हूं उसमें भी और एक सांसद के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति उतना ही सजग हूं। सब कार्यकर्ता निमित्त मात्र हैं। भगवान राम के साथ वानर सेना थी, भगवान कृष्ण के साथ ग्वाल बाल थे, वैसे ही भारत माता के हम सब सिपाही है। वस्तुतः यही राष्ट्रवाद की भावना है।







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