अखिलेश मायावती के बीच हुयी 45 मिनट तक बातचीत , बनायीं गयी अगली रणनीति
लखनऊ, 21 मई 2019: यूपी में महागठबंधन को राजनितिक विश्लेषण भाजपा से कहीं ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीदें जता रहे है। इसी कड़ी में सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख मायावती से उनके आवास जाकर मुलाकात की। मुलाकात के बाद श्री यादव ने कहा, ‘अब अगले कदम की तैयारी है।’ अखिलेश यादव और मायावती के बीच लखनऊ में करीब 45 मिनट तक मुलाकात हुई।
इस दौरान सात चरणों का मतदान होने के बाद मीडिया एग्जिट पोल के आंकड़ों के मद्देनजर राजनीतिक घटनाक्रम पर मंथन हुआ। इस चुनाव में सपा-बसपा और रालोद ने गठबंधन किया था। सपा को 37 तो बसपा को 38 सीटें मिलीं और तीन सीटों पर रालोद ने अपने प्रत्याशी उतारे।
रविवार को कई एग्जिट पोल ने भाजपा को यूपी में बड़ी जीत मिलने की उम्मीद जताई है तो गठबंधन की बड़ी हार। ऐसे में अखिलेश यादव और मायावती का चौंकना लाजिमी है, क्योंकि चुनाव के दौरान गठबंधन के नेताओं ने डेढ़ दर्जन से ज्यादा संयुक्त रैलियां कीं। रैलियों में भीड़ भी जुटी। ऐसे में गठबंधन के नेता एग्जिट पोल से सहमत नहीं दिख रहे हैं। मगर एग्जिट पोल में एक बार फिर मोदी सरकार बनने की संभावना को लेकर इन दोनों नेताओं ने अगली राजनीतिक रणनीति पर कदम बढ़ाने की तैयारी पर र्चचा की।
कांग्रेसी खेमे से रविवार को एग्जिट पोल आने के पहले ही खबर आयी कि बसपा अध्यक्ष मायावती सोमवार को दिल्ली आ रही हैं। यहां उनकी कांग्रेस नेता श्रीमती सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात हो सकती है। मगर एग्जिट पोल के आंकड़े गठबंधन और यूपीए के मुताबिक नजर नहीं आये। ऐसे में सोमवार की सुबह बसपा महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने कहा, पार्टी अध्यक्ष मायावती दिल्ली नहीं जा रही हैं। इसके बाद ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मायावती से मुलाकात करने बसपा अध्यक्ष के आवास पर जा पहुंचे।
सूत्रों की मानें तो दोनों के बीच नतीजों के बाद यूपी में गठबंधन के खाते में आने वाली सीटों की अधिकृत जानकारी के बाद ही अगला राजनीतिक निर्णय लेने पर सहमति बनी। इसके बाद ही श्री यादव ने अपनी मुलाकात का फोटो ट्वीट करते हुए लिखा, ‘‘अब अगले कदम की तैयारी।’
उल्लेखनीय है कि तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष चन्द्र बाबू नायडू शनिवार को लखनऊ आकर अखिलेश यादव और मायावती से मुलाकात कर चुके हैं। वे गैर भाजपा सरकार बनाने के लिए विपक्षी एकता बनाने के प्रयास में हैं। ऐसे में यूपी का नतीजा काफी महत्वपूर्ण होगा। 23 मई को गठबंधन को कितनी सीटें मिलती हैं उसके बाद ही सपा-बसपा की क्या भूमिका हो सकेगी इसका पता चलेगा।







