उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री से मिलकर व्यक्त किया उनका आभार और कहा बैंक दर 6.50 के अनुसार उपभोक्ताओं की कुल जमा सिक्योरिटी लगभग 3465 करोड़ पर रू0 200 करोड़ से ज्यादा का मिलना है ब्याज
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष द्वारा ऊर्जा मंत्री को सौपे गये ज्ञापन पर मंत्री के निर्देश के महज 12 घंटे बाद ही शक्ति भवन हंगामा मच गया और उसी क्षण प्रमुख सचिव, ऊर्जा व अध्यक्ष पावर कारपोरेशन द्वारा यह फैसला ले लिया गया कि वर्ष 2018-19 के लिये प्रदेश की सभी बिजली कम्पनियों में लगभग 3 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी राशि पर विद्युत अधिनियम 2003 व विद्युत वितरण संहिता 2005 के प्राविधानों के अनुसार जून 2019 के बिल में रिजर्व बैंक दर पर ब्याज दे दिया जायेगा। साथ ही उन्होनें यह भी निर्णय लिया है जिन उपभोक्ताओं की जमा सिक्योंरिटी राशि बिल में परिलक्षित नहीं हो रही है वह सभी अपने खण्ड कार्यालय में अपनी सिक्योरिटी धनराशि को दर्ज करा लें।
पावर कारपोरेशन द्वारा निर्णय लिये जाने के बाद उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व विश्व ऊर्जा कौंसिल के स्थायी सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी पर ब्याज दिलाये जाने का आदेश पारित कराने के लिये उनका आभार व्यक्त करते हुये प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।
गौरतलब है कि 22 मई को उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा से मुलाकात की थी और एक ज्ञापन सौपते हुये यह मुद्दा उठाया था कि पावर कारपोरेशन प्रबन्धन को अविलम्ब यह निर्देश दिये जाय कि विद्युत उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी राशि पर 1 अप्रैल को लागू रिजर्व बैंक आफ इण्डिया की दर से अविलम्ब ब्याज दिलाया जाय क्योंकि विद्युत अधिनियम 2003 के प्राविधानानुसार अप्रैल, मई व जून के बिल में उपभोक्ताओं के बिल में जमा सिक्योरिटी पर ब्याज दिया जाना अनिवार्य है। वर्ष 2018-19 के लिये अभी तक उपभोक्ताओं को ब्याज नहीं मिला है। जिस पर ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकान्त शर्मा ने अध्यक्ष पावर कारपोरेशन को अविलम्ब कार्यवाही का निर्देश दिया था और महज 12 घंटे बाद पावर कारपोरेशन ने फैसला ले लिया।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश के 3 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं को उनके बिलों में अनुमानित 6.50 की दर लगभग 200 करोड़ से ज्यादा ब्याज जून के महीने में मिलना है। ऐसे में सभी विद्युत उपभोक्ता अपने जून महीने के बिल में यह सुनिश्चित कर लें कि उन्हें ब्याज मिल गया अथवा नहीं।
वर्ष 2018-19 के लिये प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को उनकी जमा सिक्योरिटी पर जो ब्याज मिलना है वह 1 अप्रैल 2019 को अनुमानित 6.50 है। वहीं पावर कार्पोरेशन द्वारा नियामक आयोग से वर्ष 2018-19 के लिये उपभोक्ताओं को जो सिक्योरिटी पर ब्याज दिया जाना अनुमानित किया है, वह लगभग 241 करोड़ है और पावर कार्पोरेशन द्वारा आयोग को यह सूचित किया गया है कि वर्ष 2018-19 में प्रदेश के कुल विद्युत उपभोक्ताओं की जो जमा सिक्योरिटी है वह लगभग 3465 करोड़ है।






